NTA (UGC) NET/JRF JULY-2016 HINDI-2 : QUESTIONS & ANSWERS

NTA (UGC) NET/JRF JULY-2016 HINDI-2 : QUESTIONS & ANSWERS

  1. का उच्चारण स्थान है :

(A) तालू (B) मूर्धा (C) वर्त्स (D) कंठ

ANS : (B) मूर्धा

  1. आगम वेअ पुराणे पंडित मान बहंति।

पक्क सिरिफल अलि अ जिम वाहेरित भ्रमयंति

ये पंक्तियां किसकी हैं?

(A) सरहपा (B) कण्हपा (C) डोम्भिपा (D) कुक्कुरिपा

ANS : (B) कण्हपा

  1. सूर समाना चन्द में दहूं किया घर एक।

मन का चिंता तब भया कछु पुरबिला लेख।।

इन पंक्तियों के रचनाकार हैं :

(A) तुलसीदास (B) सून्दरदास (C) दादूदयाल (D) कबीरदास

ANS : (D) कबीरदास

  1. द्वैतवैद के प्रणेता है :

(A) मध्वाचार्य (B) वल्लभाचार्य (C) रामानुजाचार्य (D) रामानन्द

ANS : (A) मध्वाचार्य

  1. रौज़तुल हक़ायक़’ के रचयिता हैं :

 (A) शेख़ नबी (B) क़ासिम शाह (C) नूर मुहम्मद (D) उसमान

ANS : (C) नूर मुहम्मद

  1. इनमें से किस कवि ने प्रबन्धात्मक वीर काव्य की भी रचना की है?

(A) ग्वाल कवि (B) रामसहाय दास (C) पद्माकर भट्ट (D) सम्मन

ANS :  (C) पद्माकर भट्ट

  1. इनमें से किस कवि ने सतसई की रचना नहीं की है ?

(A) रसनिधि (B) वृन्द (C) भूपति (D) बोनी प्रवीण

ANS : (D) बोनी प्रवीण

  1. भ्रमरदूतके रचनाकार हैं :

(A) सत्यनारायण कविरत्न (B) लाला भगवानदीन

  1. C) जगन्नाथदास रत्नाकर (D) राय देवीप्रसाद पूर्ण

ANS : (A) सत्यनारायण कविरत्न

  1. काम मंगल से मंडित श्रेय

सर्ग इच्छा का है परिणाम;

तिरस्कृत कर उसको तुम भूल

बनाते हो असफल भवधाम।

उपर्युक्त काव्य-पंक्तियां कामायनी के किस सर्ग की हैं?

(A) वासना (B) काम (C) श्रद्धा (D) लज्जा

ANS : (C) श्रद्धा

  1. निम्नलिखित में से जयशंकर प्रसाद का कौन-सा नाटक कल्हण की राजतरंगिणीपर आधारित है?

(A) राज्यश्री (B) विशाख (C) जनमेजय का नागयज्ञ (D) आजातशत्रु

ANS : (B) विशाख

  1. मुड़ मुड़कर देखता हूँकिसकी रचना है?

(A) राजेन्द्र यादव (B) भीष्म साहनी (C) रवीन्द्र कालिया (D) कमलेश्वर

ANS : (A) राजेन्द्र यादव

  1. मणिकर्णिकाके लेखक हैं :

(A) आमप्रकाश वाल्मीकि (B) डॉ. धर्मवीर (C) तुलसीराम (D) सूरजपाल चौहान

ANS : (C) तुलसीराम

  1. महाकालउपन्यास के लेखक हैं :

 (A) अमृतराय (B) अमृतलाल नागर (C) विष्णु प्रभाकर (D) उदयशेकर भठ्ट

ANS : (B) अमृतलाल नागर

  1. कामरेड का कोटकहानी के लेखक हैं :

(A) विनोद कुमार शुक्ल (B) अखिलेश (C) ज्ञानरंजन (D) सृंजय

ANS : (D) सृंजय

  1. भारतेन्दु हरिश्चन्द्र के निम्नलिखित रूपकों में से भाणकौन-सा है ?

(A) वैदिकी हिंस हिंसा न भवति (B)      विषस्य विषमौषधम (C) भारत दुर्दशा (D) नीलदेवी

ANS : (B)  विषस्य विषमौषधम

  1. सूरदास जब अपने प्रिय विषय का वर्णन शुरू करते हैं तो मानो अलंकारशास्त्र हाथ जोड़कर उनके पीछे-पीछे दौड़ा करता है। उपमाओं की बाढ़ आ जाती है, रूपकों की वर्षा होने लगती है।”

उपर्युक्त कथन किस आलोचक है?

(A) हजारीप्रसाद द्विवेदी (B) रामचन्द्र शुक्ल (C) नन्ददुलारे वाजपेयी (D) हरबंशलाल शर्मा

ANS : (A) हजारीप्रसाद द्विवेदी

  1. भरत मुनि के रससूत्र के व्याख्याता भठ्टनायक के सिद्धान्त का नाम है :

(A) अनुमितिवाद (B) उत्पत्ति (C) भुक्तिवाद (D) अभिव्यक्तिवाद

ANS : (C) भुक्तिवाद

  1. वक्रोक्ति सिद्धान्त के प्रवर्तक आचार्य है :

(A) कुन्तक (B) विश्वनाथ (C) भामह (D) आनन्दवर्द्धन

ANS : (A) कुन्तक

  1. अभिव्यंजनावादी सिद्धान्त के प्रवर्तक हैं :

(A) कॉलरिज (B) क्रोचे (C) टी. एस. इलियट (D) मैथ्यू आर्नल्ड

ANS : (B) क्रोचे

  1. प्रेमचन्द और उनका युगके लेखक हैं :

(A) हंसराज रहबर (B) इन्द्रनाथ मदान (C) नन्ददुलारे वाजपेयी (D) रामविलास शर्मा

ANS : (D) रामविलास शर्मा

  1. रचनाकाल का दृष्टि से निम्नलिखित कवियों का सही अनुक्रम है :

(A) पुष्पदन्त, अद्दहमान, स्वयंभू, हेमचन्द्र

(B) अद्दहमान, हेमचन्द्र स्वयंभू, पुष्पदन्त

(C) स्वयंभू, पुष्पदन्त, अद्दहमान, हेमचन्द्र

(D) हेमचन्द्र, स्वयंभू, पुष्पदन्त, अद्दहमान

ANS : (C) स्वयंभू, पुष्पदन्त, अद्दहमान, हेमचन्द्र 

  1. जन्मकाल के अनुसार निम्नलिखित कवियों का सही अनुक्रम है :

(A) बिहारी, देव, भिखारीदास, पद्माकर

(B) देव, बिहारी, पद्माकर, भिखारीदास

(C) भिखारीदास, देव, बिहारी, पद्माकर

(D) भिखारीदास, बिहारी, देव, पद्माकर

ANS : (A) बिहारी, देव, भिखारीदास, पद्माकर

  1. जन्मकाल के अनुसार निम्नलिखित कवियों का सही अनुक्रम है :

(A) हरिवंशराय बच्चन, नरेन्द्र शर्मा, रामेश्वर शुक्ल अंचल, गोपालसिंह नेपाली

(B) नरेन्द्र शर्मा, रामेश्वर शुक्ल अंचल, हरिवंशराय बच्चन, गोपालसिंह नेपाली

(C) रामेश्वर शुक्ल अंचल, हरिवंशराय बच्चन, गोपालसिंह नेपाली, नरेन्द्र शर्मा

(D) गोपालसिंह नेपाली, हरिवंशराय बच्चन, नरेन्द्र शर्मा, रामेश्वर शुक्ल अंचल

ANS : (D) गोपालसिंह नेपाली, हरिवंशराय बच्चन, नरेन्द्र शर्मा, रामेश्वर शुक्ल अंचल

  1. मैथिलीशरण गुप्त की निम्नलिखित काव्य-कृतियों का सही अनुक्रम है :

(A) यशोधरा, द्वापर, पंचवटी, साकेत

(B) पंचवटी, साकेत, यशोधरा, द्वापर

(C) द्वापर, यशोधरा, पंचवटी, साकेत

(D) साकेत, यशोधरा, द्वापर, पंचवटी

ANS : (B) पंचवटी, साकेत, यशोधरा, द्वापर  

  1. प्रकाशन-वर्ष की दृष्टि से निम्नलिखित काव्य-संग्रहों का सही अनुक्रम है :

(A) ज़मीन पक रही है, अभी बिलकुल अभी, बाघ, उत्तर कबीर और अन्य कविताएँ

(B) बाघ, ज़मीन पक रही है, उत्तर कबीर और अन्य कविताएँ, अभी बिलकुल अभी

(C) अभी बिलकुल अभी, ज़मीन पक रही है, उत्तर कबीर और अन्य कविताएँ, बाघ

(D) ज़मीन पक रही है, बाघ, अभी बिलकुल अभी, उत्तर कबीर और अन्य कविताएँ

ANS : (C) अभी बिलकुल अभी, ज़मीन पक रही है, उत्तर कबीर और अन्य कविताएँ, बाघ

  1. प्रकाशन-वर्ष के अनुसार निम्नलिखित नाटकों का सही अनुक्रम है :

(A) कोणार्क, नारद की वीणा, अन्धा कुआँ, बकरी

(B) नारद की वीणा, कोणार्क, अन्धा कुआँ, बकरी

(C) अन्धा कुआँ, बकरी, कोणार्क, नारद की वीणा

(D) बकरी, कोणार्क, अन्धा कुआँ, नारद की वीणा

ANS : (B) नारद की वीणा, कोणार्क, अन्धा कुआँ, बकरी

  1. प्रकाशन-वर्ष के अनुसार फणीश्वरनाथ रेणु के उपन्यासों का सही अनुक्रम है :

(A) परती परिकथा, दीर्घतपा, जुलूस, पलटू बाबू रोड

(B) दीर्घतपा, जुलूस, पलटू बाबू रोड, परती परिकथा

(C) जुलूस, दीर्घतपा, पलटू बाबू रोड, परती परिकथा

(D) पलटू बाबू रोड, परती परिकथा, दीर्घतपा, जुलूस

ANS : (A) परती परिकथा, दीर्घतपा, जुलूस, पलटू बाबू रोड

  1. रमेशचन्द्र शाह के उपन्यासों का सही अनुक्रम है :

(A) क़िस्सा ग़ुलाम, पूर्वापर, विनायक, गोबर गणेश

(B) पूर्वापर, विनायक, क़िस्सा ग़ुलाम, गोबर गणेश

(C) गोबर गणेश, पूर्वापर, विनायक, क़िस्सा ग़ुलाम

(D) गोबर गणेश, क़िस्सा ग़ुलाम, पूर्वापर, विनायक

ANS : (D) गोबर गणेश, क़िस्सा ग़ुलाम, पूर्वापर, विनायक  

  1. प्रकाशन-वर्ष के अनुसार उषा प्रियंम्बदा के उपन्यासों का सही अनुक्रम है :

(A) पचपन खम्भे लाल दीवारें, रुकोगी नहीं राधिका, अन्तर्वंशी, शेष यात्रा

(B) अन्तर्वंशी, पचपन खम्भे लाल दीवारें, शेष यात्रा, रुकोगी नहीं राधिका

(C) पचपन खम्भे लाल दीवारें, रुकोगी नहीं राधिका, शेष यात्रा, अन्तर्वंशी

(D) शेष यात्रा, पचपन खम्भे लाल दीवारें, रुकोगी नहीं राधिका, अन्तर्वंशी

ANS : (C) पचपन खम्भे लाल दीवारें, रुकोगी नहीं राधिका, शेष यात्रा, अन्तर्वंशी

  1. लेखन-काल के अनुसार निम्नलिखित पाश्यात्य आलोचकों का सही अनुक्रम है :

(A) वर्ड्सवर्थ, क्रोचे, टी. एस. इलियट, आई. ए. रिचर्ड्स

(B) आई. ए. रिचर्ड्स, वर्ड्सवर्थ, क्रोचे, टी. एस. इलियट

(C) टी. एस. इलियट, क्रोचे, वर्ड्सवर्थ, आई. ए. रिचर्ड्स

(D) क्रोचे, आई. ए. रिचर्ड्स, वर्ड्सवर्थ, टी. एस. इलियट

ANS : (A) वर्ड्सवर्थ, क्रोचे, टी. एस. इलियट, आई. ए. रिचर्ड्स

  1. निम्नलिखित पात्रों को संबंद्ध काव्य-ग्रंथों के साथ सुमेलित कीजिए :

      सूची-I       सूची-II

(A)  चंदा          (i) बीसलदेव रासो

(B) नागमती        (ii) चंदायन

(C) राजमती  (iii) ढोला-मा: रा दूहा

(D) मालवणी       (iv) पृथ्वीराज रासो (V) पदमावत

कोड :

      (a) (b) (c) (d) 

(1)   (ii) (v) (i) (iii)

(2)   (iv) (iii) (v) (ii)

(3)   (v) (i) (ii) (iii)

(4)   (ii) (v) (iv) (i)

ANS : 

  1. निम्नलिखित रचनाकारों को उनके आश्रयदाताओं के साथ सुमेलित कीजिए :

सूची-I       सूची-II

(A) चन्दरबरदायी    (i) छत्रसाल 

(B) बिहारी         (ii) परमाल

(C) जगनिक       (iii) जयसिंह 

(D) भूषण          (iv) पृथ्वीराज चोहान (v) बीसलदेव 

कूट :

A     b     c     d

(A)   (i)    (ii)    (iii)   (iv)

(B)   (ii)    (iv)   (i)    (iii)

(C)   (iv)   (iii)   (ii)    (i)

(D)   (iii)   (iv)   (i)    (ii)

ANS : (C)  (iv)   (iii)   (ii)    (i)

  1. निम्नलिखित काव्य-कृतियों को उनके कवियों के साथ सुमेलित कीजिए :

सूची-I       सूची-II

(A) मुक्ति-प्रसंग                 (i) लीलाधर जगूड़ी

(B) ख़ुशबू के शिलालेख           (ii) रामधारीसिंह दिनकर

(C) अनुभव के अकश में चाँद     (iii) राजकमल चौधरी

(D) रेणुका                     (iv) नरेश मेहता (v) भवानी प्रसाद मिश्र

कूट :

A     b     c     d

(A)   (v)   (iv)   (iii)   (i)

(B)   (iii)   (v)   (i)    (ii)

(C)   (ii)    (iv)   (i)    (iii)

(D)   (iv)   (iii)   (ii)    (v)

ANS : (B)  (iii)   (v)   (i)    (ii)

  1. निम्नलिखित काव्य-कृतियों को उनके कवियों के साथ सुमेलित कीजिए :

सूची-I       सूची-II

(A) आत्मजयी            (i) सर्वेश्वर दयाल सक्सेना

(B) खूँटियों पर टंगे लोग    (ii) श्रीकान्त वर्मा

(C) मगध                (iii) राजेश जोशी

(D) पहाड़ पर लालटेन            (iv) कुँवर नारायणपुर (v) मंगलेश डबराल

कूट :

A     b     c     d

(A)   (i)    (ii)    (iii)   (v)

(B)   (v)   (iii)   (iv)   (ii)

(C)   (iii)   (iv)   (v)   (ii)

(D)   (iv)   (i)    (ii)    (v)

ANS : (D)  (iv)   (i)    (ii)    (v)

  1. निम्नलिखित काव्य-पंक्तियों को उनके रचनाकारों के साथ सुमेलित कीजिए :

      सूची-I                         सूची-II

(A)  पराधीन रहकर अपना सुख शोक न कह

स्कता है। वह अपमान जगत में केवल पशु ही सह सकता है।          (i) मैथिलीशरण गुप्त

(B) धरती हिलकर नींद भगा दे।

वज्रनाद से व्योम जगा दे।

देव, और कुछ लाग लगा दें        (ii) जगन्नाथदास रत्नाकर

(C) दिवस का अवसान समीप था

गगन था कुछ लोहित हो चला।     (iii) नाथूराम शर्मा शंकर

(D) भेजे मनभावन के उद्धव के आवन की

सुधि ब्रज-गांवनि में पावन जबै लगी।      (iv) रामनरेश त्रिपाठी (V) अयोध्यासिंह उपाध्याय हरिऔध

कोड :

      (a) (b) (c) (d) 

(1)   (iv) (i) (V) (ii)

(2)   (i) (iii) (ii) (iv)

(3)   (V) (i) (iii) (ii)

(4)   (ii) (V) (iv) (iii)

ANS : (1)   (iv) (i) (V) (ii)

  1. जयशंकर प्रसाद के नाट्यगीतों को उनके नाटकों के साथ सुमेलित कीजिए :

      सूची-I       सूची-II

(A)  आह वेदना मिली विदाई,

मैंने भ्रमवश जीवन संचित

मधुकरियों की भीख लुटाई               (i) अजातशत्रु

(B) यौवन तेरी चंचल छाया

इसमें बैठ घूंट भर पी लूं जो रस तू है लाया।     (ii) ध्रुवस्वामिनी

(C) कैसी कड़ी :प की ज्वाला

पडझ्ता है पतंग-सा इसमें मन हो कर मतवाला    (iii) स्कन्दगुप्त

(D) स्वर्ग है नहीं दूसरा और

सज्जन हृदय परम करुणामय यही एक है ठौर।    (iv) कामना

            (V) चन्द्रगुप्त

कोड :

      (a) (b) (c) (d) 

(1)   (ii) (iii) (iv) (i)

(2)   (i) (iv) (v) (iii)

(3)   (iii) (ii) (v) (i)

(4)   (v) (i) (iii) (iv)

ANS : (3)   (iii) (ii) (v) (i)

  1. निम्नलिखित निबन्ध-संग्रहों को उनके लेखकों के साथ सुमेलित कीजिए :

(A) आस्था ऐर सोन्दर्य     (i) निर्मल वर्मा

(B) अपनी-अपनी बीमारी    (ii) विद्यानिवास मिश्र

(C) कला का जोकइम      (iii) रामविलास शर्मा

(D) तमाल के झरोखे से    (iv) हरिशंकर परहसाई (v) बालमुकुन्द गुप्त

कूट :

A     b     c     d

(A)   (iv)   (i)    (v)   (iii)

(B)   (iii)   (iv)   (i)    (ii)

(C)   (iv)   (ii)    (v)   (i)

(D)   (v)   (iii)   (i)    (ii)

ANS : (B)  (iii)   (iv)   (i)    (ii)

  1. निम्नलिखित उपन्यासों को उनमें चित्रित गाँवों के साथ सुमेलित कीजिए :

(A) रागदरबारी           (i) गंगोली

(B) आधा गाँव      (ii) बेलारी

(C) मैला आँचल     (iii) लखनपुर

(D) गोदान         (iv) मेरीगंज (v) शिवपाल गंज

कूट : 

A     b     c     d

(A)   (v)   (i)    (iv)   (ii)

(B)   (i)    (iii)   (v)   (iv)

(C)   (iv)   (ii)    (iii)   (v)

(D)   (iii)   (iv)   (ii)    (i)

ANS : (A)  (v)   (i)    (iv)   (ii)

  1. निम्नलिखित सम्पदायों को उनके आचार्यों के साथ सुमेलित कीजिए :

(A) औचित्य  (i) भरत मुनि

(B) वक्रोक्ति  (ii) आनन्दवर्द्धन

(C) ध्वनि    (iii) भामह

(D) रस      (iv) क्षेमेन्द्र   (v) कुन्तक

कूट :

A     b     c     d

(A)   (i)    (ii)    (iv)   (iii)

(B)   (iii)   (i)    (v)   (ii)

(C)   (ii)    (iii)   (i)    (v)

(D)   (iv)   (v)   (ii)    (i)

ANS : (D)  (iv)   (v)   (ii)    (i)

  1. निम्नलिखित रचनाओं को उनके रचनाकारों के साथ सुमेलित कीजिए :

(A) चर्च एंड स्टेट                (i) मैथ्यू आर्नल्ड

(B) लिटरेचर एंड ड्रामा            (ii) होरेस

(C) द फाउंडेशन ऑफ एस्थेटिक्स   (iii)

(D) आर्स पोएतिका  (iv) विलियम वर्ड्सवर्थ (v) आई. ए. रिचर्ड्स

कूट :

A     b     c     d

(A)   (ii)    (v)   (i)    (iii)

(B)   (iii)   (i)    (v)   (ii)

(C)   (v)   (ii)    (iii)   (i)

(D)   (i)    (iv)   (ii)    (v)

ANS : (B)  (iii)   (i)    (v)   (ii)

निर्देश : प्रश्न संख्या 41 से 45 तक के प्रश्नों के दो कथन दिए गए हैं। इनमें से एक स्थापना (A) और दूसरा तर्क (R) है। कोड में दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प का चयन कीजिए।

  1. स्थापना (Assertion) (A) : परम्परा आधुनिकता की विरोधी है ।

तर्क (Reason) (R) : क्योंकि परम्परा पुरातनता को पोषित कर भविष्य का मार्ग अवरुद्ध करती है।

(A) (A) ग़लत (R) ग़लत

(B) (A) ग़लत (R) सही

(C) (A) सही (R) सही

(D) (A) सही (R) ग़लत

ANS : (A) (A) ग़लत (R) ग़लत

  1. स्थापना (Assertion) (A) : मिथक विगत का आलेख है, जिसका सम्बन्ध केवल धरम और इतिहास से है।

तर्क (Reason) (R) : इसलिए मिथक का प्रयोजन केवल सामाजिक व्यवस्था के संरक्षण और संचालन से है, रचनात्मक स्वतंत्रता से नहीं।

(A) (A) ग़लत (R) ग़लत

(B) (A) ग़लत (R) सही

(C) (A) सही (R) सही

(D) (A) सही (R) ग़लत

ANS : (A) (A) ग़लत (R) ग़लत

  1. स्थापना (Assertion) (A) : धर्म और विज्ञान की तरह साहित्य में प्रतीक एक निश्चित अर्थ का प्रतिपादक होता है।

तर्क (Reason) (R) : इसलिए रचनात्मक स्तर पर साहित्यिक प्रतीक के सम्बन्ध में पाठक और प्रयोक्ता के बीच मतभेद नहीं हो सकता।

(A) (A) सही (R) ग़लत

(B) (A) ग़लत (R) सही

(C) (A) सही (R) सही

(D) (A) ग़लत (R) ग़लत

ANS : (D) (A) ग़लत (R) ग़लत

  1. स्थापना (Assertion) (A) : काव्य के सन्दर्भ में काव्यानुभूति‘, ‘रसानुभूतिऔर सोन्दर्यानुभूतिके प्रायः समान अर्थ में किया जाता है।

तर्क (Reason) (R) : क्योंकि सच्ची काव्यानुभति भावानुभूति से ही सम्पृक्त होती है, जीवन की यथार्थ अनुभूति से नहीं।

(A)   (A) ग़लत (R) सही

(B)   (A) ग़लत (R) ग़लत

(C)   (A) सही (R) ग़लत

(D)   (A) सही (R) सही

ANS : (C)  (A) सही (R) ग़लत

  1. स्थापना (Assertion) (A) : विरुद्धों का सामंजस्य कर्मक्षेत्र का सोन्दय् है, जिसकी ओर आकर्षित हुए बिना मनुष्य का हृदय नहीं रह सकता।

तर्क (Reason) (R) : क्योंकि विरुद्धों का सामंजस्य चमत्कृत करता है और यही लोकधर्म का सौन्दर्य है।

(A) (A) ग़लत (R) ग़लत

(B) (A) सही (R) सही

(C) (A) ग़लत (R) सही

(D) (A) सही (R) ग़लत

ANS : (B) (A) सही (R) सही

 निर्देश : निम्नलिखित अवतरण को ध्यानपूर्वक पढ़ें और उससे सम्बन्धित प्रश्नों (46 से 50 तक) के उत्तरों के दिए गए बहु-विकलपों में से सही विकल्प का चयन करें :

श्रद्धा द्वारा हम दूसरे के महत्व के किसी एश के अभिकारी नहीं हो सकते, पर भक्ति द्वारा हे सकते हैं। श्रालु महत्व को  स्वीकार करता है, पर भ्क्त महत्व महत्व की ओर अग्रसर होता है। श्रद्धालु अपने जीवन क्रम को ज्यों का त्यों छोड़ता है, भक्त उसकी काट-छाँट में लग जाता है। अपने आचरण द्वारा दूसरों की भक्ति के अधिकारी होकर संसार के बड़ो-बड़े महात्मा संसार के कल्याण-साधन में समर्थ हुए हैं। गुरु गोविन्द सिंह को यदि केवल दण्डवत् करने वाले और गद्दी पर भेंट चढ़ाने वाले श्रद्धालु ही मिलतेट दिन-रात साथ रहने वाले, अपने सारे जीवन अर्पित करने वाले-भक्त न मिलते तो वे अन्याय-दमन में कभी समर्थ न होते। इससे भक्ति के सामाजिक महत्व को, इसकी लोक-हितकारिणी शक्ति को शवीकार करने में किसी को आगा-छीछा नहीं हो सकता। सामाजिक महत्व के लिए आवश्यक है कि या तो आकर्षित करो या आकर्षित हो। जैसे इस आकरेषण-विधान के बिना अणुओं द्वारा व्टक्त पिण्डों का आविर्भाव नहीं हो सकता, वैसे ही मानव-जीवन की विशद् अभिव्यक्ति भी नहीं हो सकती।

  1. हम दूसरे के महत्व के अधिकारी कैसे हो सकते हैं ?

(A) श्रद्धा द्वारा (B) आचरण द्वारा

(C) आस्था द्वारा (D) भक्ति द्वारा

ANS :  (D) भक्ति द्वारा

  1. महात्मा अन्याय का दमन करने में कैसे समर्थ होते है ?

(A) लोक-कल्याण साधना में सब कुछ समर्पत करने वालों के सहयोग से।

(B) भेंट चढ़ाने वाले भक्तों का दक्षिणा से

(C) श्रद्धालुओं के सहयोग से

(D) दण्डवत् करने वाले भक्तों के सहयोग से।

ANS : (A) लोक-कल्याण साधना में सब कुछ समर्पत करने वालों के सहयोग से।

  1. समाज-कल्याण सम्भव हो पाता है, यदि :

(A) य़दि अपमा आचरण ठीक-ठाक होता है

(B) दूसरों का आचरण ठीक हो जाता है   

(C) ऐसा आचरण हो कि दूसरे आपके प्रति भक्ति रखें

(D) दिन-रात काम करते रहें

ANS : (C) ऐसा आचरण हो कि दूसरे आपके प्रति भक्ति रखें

  1. भक्ति के सामाजिक महत्व का अभिप्राय है :

(A) लोक-हितकारिणी शक्ति को स्वीकार करना

(B) समाज के प्रति आकर्षत होना 

(C) भक्ति को सर्वोपरि मानना    

(D) लोक-हितकारिणी शक्ति को स्वीकार करना

ANS : (D) लोक-हितकारिणी शक्ति को स्वीकार करना 

  1. मानव-जीवन की सार्थक और व्यापक अभिव्ति के लिए आवश्यक है :

(A) आकर्षण-विधान        (B) सामाजिक लगाव

(C) पिण्डों का आविर्भाव    (D) अणुओं का अस्तित्व

ANS : (A) आकर्षण-विधान

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 9   3      34 4

 10 2       35 1

 11 1       36 3

 12 3       37 2

 13 2       38 1

 14 4       39 4

 15 2       40 2

 16 1       41 1

 17 3       42 1

 18 1       43 4

 19 2       44 3

 20 4       45 2

 21 3       46 4

 22 1       47 1

 23 4       48 3

 24 2       49 4

 25 3       50 1