#NTA UGC NET JRF J-2018 HINDI-2 (QUESTION-ANDWER)

 #NTA UGC NET JRF J-2018 HINDI-2 (QUESTION-ANDWER)

 

  1. #आभ्यन्तर प्रयत्न के अनुसार वर्णों के भेद हैं :

(1) तीन (2) चार (3) दो (4) पाँच

ANS : (2) चार (आभ्यन्तर प्रयत्न के अनुसार वर्णों के निम्नतिखित चार भेद हैं : 1. विवृत, 2. स्पृष्ट, 3. ईषतविवृत  4. ईष्तस्पृष्त)

 

  1. #निम्नलिखित में से पश्चिमी हिन्दी की बोली नहीं है

(1) ब्रजभाषा (2) कन्नौजी (3) बुन्देली (4) मगही

ANS :  (4) मगही

 

  1. #सिद्ध साहित्य के अन्तर्गत चौरासी सिद्धों की वे साहित्यिक रचनाएँ आती हैं जो

(1) प्राकृत में लिखी गई हैं (2) #पैशाची अपभ्रंश में लिखी गई हैं

(3) पूर्ववर्ती अपभ्रंश में लिखी गई हैं (4) तत्कालीन लोकभाषा हिन्दी में लिखी गई हैं

ANS : (4) #तत्कालीन लोकभाषा हिन्दी में लिखी गई हैं

 

  1. ‘#कबीर के निर्गुण पंथ’ का आधार ‘भारतीय वेदान्त’ और ‘सूफ़ियों का प्रेम-तत्व’ है। ౼यह विचार किसका है?

(1) रामचन्द्र शुक्ल (2) राहुल सांकृत्यायन  (3) हज़ारी प्रसाद द्विवेदी (4) गोविन्द त्रिगुणायत

ANS : (1) #रामचन्द्र शुक्ल

 

  1. ”#केवल ‘प्रेम लक्ष्ण भक्ति’ का आधार ग्रहण करने के कारण कृष्णभक्ति शाखा में अश्लील विलासिता की प्रवृत्ति जाग्रत हुई।” ౼यह विचार किसका है ?

(1) जार्ज ग्रियर्सन (2) मिश्र बन्धु  (3) रामचन्द्र शुक्ल (4) रामकुमार वर्मा

ANS :  (3) #रामचन्द्र शुक्ल

 

  1. #प्राणचन्द चौहान का सम्बन्ध भक्ति की किस शाखा से है ?

(1) रामभक्ति शाखा (2) कृष्णक्ति शाखा  (3) स्वसुखी शाखा (4) ज्ञानमार्गी शाखा

ANS :  (1) #रामभक्ति शाखा

 

  1. ‘#भँवर गीत’ के रचनाकार हैं :

(1) सूरदास (2) नन्ददास (3) चतुर्भुजदास (4) कृष्णदास 

ANS :  (2) #नन्ददास

 

  1. #राजनीतिक रूप से रीतिकाल मुग़लों के शासन के वैभव के :

(1) चरमोत्कर्ष का युग है (2) उत्थान का युग है

(3) विस्तार का युग है (4) चरमोत्कर्ष के बाद उत्तरोत्तर ह्रास और पतन का युग है

(4) चरमोत्कर्ष के बाद उत्तरोत्तर ह्रास और पतन का युग है

(4) चरमोत्कर्ष के बाद उत्तरोत्तर ह्रास और पतन का युग है

ANS :  (4) #चरमोत्कर्ष के बाद उत्तरोत्तर ह्रास और पतन का युग है

 

  1. #कवि ठाकुर ने किस राजा के कटु वचन कहने पर म्यान से तलवार निकाल ली और कहा :

#सेवक सिपाही हम उन राजपूतन के,

दान युद्ध जुरिबे में जे न मुरके।

नित देनवारे हैं मही के महापालन को,

हिए के विरुद्ध हैं, सनेही साँचे उर के।

ठाकुर कहत हम बैरी बेवक़ूफ़न के,

ज़ालिम दामाद हैंअदानियाँ ससुर के।

चोजिन के चोजी महा, मौजिन के महाराज

हम कविराज हैं, पै चाकर चतुर के।

  • #अनुप गिरि उर्फ़ हिम्मत बहादुर (2) जगत सिंह (3) राजा परीक्षत (4) महाराज उदितनारायण सिंह

ANS :  (1) #अनुप गिरि उर्फ़ हिम्मत बहादुर

 

  1. #निम्नलिखित में से कौन-सी रचना ठाकुर जगमोहन की नहीं है :

(1) प्रेम सम्पत्तिकला (2) श्यामलता (3) श्याम सरोजिनी (4) प्रेम प्रलाप

ANS :  (4) #प्रेम प्रलाप

#ठाकुर जगमोहन की रचनाएँ

(1) #प्रेम-संपत्तिलता (सं. 1942 वि.), (2) #श्यामालता,

(3) #श्यामासरोजिनी (सं. 1943 वि.)।

 

  1. #बगियान बसन्त बसेरो कियो, बस्तेहि त्यागि तपाइए ना।

दिन काम-कुतूहल के जो बने, तिन बीच बियोग बुलाइए ना।।

उपर्युक्त काव्य-पंक्तियों के रचनाकार हैं :

(1) प्रतापनारायण मिश्र (2) बजरीनारायण चौधरी प्रेमघन (3) ठाकुर जगमोहन सिंह (4) भारतेन्दु हरिश्चन्द्र

ANS :  (2) #बजरीनारायण चौधरी प्रेमघन

 

  1. #आज रात इससे परदेशी चल कीजे विश्राम यहीं।

जो कुछ वस्तु कुटी में मेरे करो ग्रहण, संकोच नहीं।

प्रस्तुत काव्य-पंक्तियों के रचनाकार हैं :

(1) अम्बिकादत्त व्यास (2) श्रीधर पाठक (3) रामनरेश त्रिपाठी (4) अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध

ANS :  (2) # श्रीधर पाठक

 

  1. ‘#आवारा मसीहा’ किसके जीवन पर आधारित है ?

(1) शरतचन्द्र (2) बंकिमचन्द्र (3) रवीन्द्रनाथ चैगोर (4) विभूतिभूषण बन्दोपाध्याय

ANS :  (1) #शरतचन्द्र

 

  1. ”#बर्बरता की पहली सीढ़ी से सभ्यता की अन्तिम सीढ़ी तक युद्ध मनुष्य जाति का साथ देता आया है।” यह कथन किस निबन्ध से उद्धृत है ?

(1) उत्साह (2) युद्ध और नारी (3) जीवन का व्यवसाय (4) मज़दूरी और प्रेम

ANS :  (2) #युद्ध और नारी  (महादेवी वर्मा, श्रृंखला की कड़ियाँ)

 

  1. #निम्नलिखित में से किस कहानी में अति व्यस्त आदमी की असन्तुष्ट पत्नी को विषय-वस्तु बनाया गया है?

(1) ग्रामोफ़ोन का रिकार्ड (2) नीलमदेश की राजकन्या (3) बाहुबली (4) दृष्टिदोष

ANS :  (1) #ग्रामोफ़ोन का रिकार्ड

 

  1. #निम्नलिखित में से किस उपन्यास में रईस साहूकार मदनमोहन के अंग्रेज़ी सभ्यता की नक़ल और अपव्यय की कथा कही गई है ?

(1) नूतन ब्रह्मचारी (2) परीक्षा गुरु (3) आदर्श दम्पत् (4) प्रणयिनी परिणय

ANS :  (2) #परीक्षा गुरु

 

  1. ‘#पर्णदत्त’ प्रसाद के किस नाटक का पात्र है ?

(1) कल्याणी परिणय (2) राज्यश्री (3) स्कन्दगुप्त (4) अजातशत्रु

ANS :  (3) #स्कन्दगुप्त

 

  1. ‘#हिन्दी साहित्य : बीसवीं शताब्दी’ आलोचना-ग्रंथ के लेखक हैं :

(1) शान्तिप्रिय द्विदेदी (2) नन्ददुलारे वाजपेयी (3) नेमिचन्द्र जैन (4) शिवदान सिंह चौहान

ANS :  (2) नन्ददुलारे वाजपेयी

 

  1. #आचार्य भरत के रससूत्र के व्याख्याता शंकुक के सिद्धान्त का नाम है :

(1) अनुमितिवाद (2) भोगवाद (3) अभिव्यक्तिवाद (4) आरोपवाद

ANS :  (1) #अनुमितिवाद

 

  1. #निम्नलिखित में से कौन-सी पुस्तक आई. ए. रिचर्ड्स द्वारा लिखित नहीं है ?

(1) प्रिंसिपल्स आफ़ लिटरेरी क्रिटिसिज्म (2) नोट्स टुवर्ड्स डेफिनिशन आफ़ कल्चर

(3) प्रेक्टिल क्रिटिसिज्म (4) कालरिज आन इमेजिनेशन

ANS :  (2) #नोट्स टुवर्ड्स डेफिनिशन आफ़ कल्चर

#BOOKS BY I. A. RECHARDS

  • #The Foundations of Aesthetics(1922)
  • #The Principles of Literary Criticism(1924)
  • #Science and Poetry(1926)
  • #Practical Criticism(1929)
  • #Coleridge on Imagination(1934)
  • #The Philosophy of Rhetoric(1936)
  • #Speculative Instruments(1955)
  • #So Much Nearer : Essays
  • #The Future of Poetry

 

  1. #घोर अँधारे चन्दमणि दिमि उज्जोअ करेइ।

परम महासुह एखु कणे दुरिअ अशेष हरेइ।।

ऊपर्युक्त दोहे में ‘महासुह’ का सम्बन्ध किस-किससे है ?

(1) #महासुख ‘महासुह’ का तत्सम रूप है।

(2) #महासुख वज्रयानियों का पारिभाषिक शब्द है।

(3) #प्रज्ञा और योग से महासुख की दशा सम्भव है।

(4) महासुख निर्वाण-प्राप्ति में बाधक है।

कोड :

(1) (a) और (d) सही                         (2) (b) और (d) सही

(3) (a), (b) और (c) सही                  (4) (a), (b) और (d) सही

ANS :   # (3) (a), (b) और (c) सही

 

  1. #गोरख जगायो जोग,

भगति भगायो लोग।

इन पंक्तियों में तुलसी का अभिप्राय है :

(a) नाथपंथ का हठयोग मार्ग हृदयपक्ष शून्य है।

(b) जनता हठयोग को पसन्द करती थी।

(c) योगियों की रहस्यभरी बानियों से जनता की भक्ति-भावना दब गई थी।

(d) जनता भक्ति-भावना से बिमुख हो गई थी।

कोड :

(1) (a) (b)  और (d) सही (2) (a) (c) और (d) सही

(3) (a) और (d) सही                          (4) (a) और (b) सही

ANS :  (4) (a) और (b) सही

 

  1. #ना नगरी काया बिधि कीन्हा । लेइ खोजा पावा तेइ चीन्हा।

बाँक चढ़ाव सात खंड ऊँचा। चारि बसेरे जाइ पहुँचा।

शुक्लजी के अनुसार उक्त पंक्तियों में प्रयुक्त ‘चारि बसेरे’ से क्या तात्पर्य है?

(1) चार धर्मशालाएँ               

(2) प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि नामक योग के अंग    

(3) #शरीयत, तरीकत, मारिफत और हक़ीक़त नामक चार सोपान             

(4) #धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष नामक पुरुषार्थ

कोड :

(1) (a) और (d) सही

(2) (b) और (c) सही

(3) (b) और (d) सही

(4) (c) और (d) सही

ANS :  (2) (b) और (c) सही

 

  1. #जाके कुटुम् सब ढोर ढोवन्त

फिरिहिं अज हुँ बानारसी आसपासा।

आचार सहित विप्र करहिं डडउति

तन तनै रविदास दासानुदासा।।

इन काव्य-पंक्तियों में किन भावें की अभिव्यंजना हुई है?

(1) लोक-व्यवहार                 (2) वर्ण-व्यवस्था                 (3) विनय               (4) गर्वोक्ति  

कोड :

(1) (a) और (d) सही

(2) (a), (b) और (c) सही

(3) (b), (c) और (d) सही

(4) (b) और (d) सही

ANS : (2) (a), (b) और (c) सही

 

  1. #झूठो है, झूठो है, झूठो सदा जगु, सन्त कहन्त जे अन्तु लहा है।

तको सहै सदा, संकट कोटिक, काढ़त दन्त, करन्त हहा है।

जानपनी को गुमान बड़ो, तुलसी के विचार गँवार महा है।

जानकी जीवनु जान न जान्यो तौ जान कहावत जान्यो कहा है।

तीसरी पंक्ति में तुलसी कहना चाहते हैं कि :

(1) उन्हें अपने ज्ञानीपने का बहुत अभिमान है।

(2) वे स्वयं महा गँवार हैं।

(3) संसार को झूठा कहनेवाले महा घँवार हैं।

(4) जानकी के जीवन से अनभिज्ञ लोग गँवार हैं।

कोड :

(1) (c) और (d) सही

(2) (a) और (b) सही

(3) (a) और (c) सही

(4) (a), (c) और (d) सही

ANS : #(2) (a) और (b) सही

 

  1. #निम्नलिखित काव्य-पंक्तियों के आशय हैं :

#उर में माखन चोर गड़े।

अब कैसहु निकसत नहिं, उधो। तिरछे हवै जो अड़े।

(1) #गोपी के दिल में कृष्ण बस गए हैं।

(2) वह उहें दिल से निकालना चाहती हैं, लेकिन निकलते ही नहीं।

(3) #वह उन्हें दिल में बसाए रखना चाहती हैं।

(4) #कृष्ण को दिल से निकालना गोपी के लिए असम्भव है।

कोड :

(1) (a), (b) और (d) सही

(2) (b) और (d) सही

(3) (b) और (c) सही

(4) (a), (c) और (d) सही

ANS : #(4) (a), (c) और (d) सही

 

  1. #रीतिमुक्त की विशेषताएँ हैं :

(a) #यह आन्तरिक अनुभूतियों का काव्य है।

(b) #यह मूलतः आत्मप्रधान और व्यक्तिगत है।

(c) यह सभी प्रकार की रूढ़ियों से मुक्त है।

(d) #अभिव्यंजना में यह अमिधामूलक है।

कोड :

(a) (a), (b) और (c) सही

(b) (a), (b) और (d) सही

(c) (c) और (d) सही

(d) (b) और (d) सही

ANS : (a) (a), (b) और (c) सही

 

  1. #किंसुक पुंज से फूलि रहे सु लगी उर दी जु वियोग तिहारे।

मातो फिरै, न घिरै अबलानि पै, जान मनोज यों डारत मारे।

ह्वै अभिलषनि पात निपात कढ़े हिय-सूल उसांसनि डारे।

है पतझार बसन्त दुहूँ घनआनन्द एकहि बार हमारे।।

इन पंक्तियों में भावाभिव्यंजना के कौन-कौन रूप व्यक्त हुए हैं ?

(a) #उक्ति वैचित्र्य             (b) #उक्ति चमत्कार            (c) #उक्ति विपर्यय              (d) उक्ति सादृश्यता

कोड :

(a) (a), (b) और (d) सही

(b) (a), (b) और (c) सही

(c) (b), (c) और (d) सही

(d) (c) और (d) सही

ANS : #(b) (a), (b) और (c) सही

 

  1. #मीरा बाई के पदों में मुख्य है :

 (a) #अपूर्व भाव-विह्वलता (b) रहस्यान्भूति (c) #आत्म-समर्पण (d) #भगवदविगह की उत्कट अभिव्यक्ति

कोड :

(a) (a), (b) और (c) सही

(b) (a), (c) और (d) सही

(c) (b) और (c) सही

(d) (b) (c) और (d) सही

ANS : #(b) (a), (c) और (d) सही

 

  1. #खड़ी बोली शब्द का प्रयोग :

(a) #साहित्यिक हिन्दी खड़ी बोली के अर्थ में होता है।

(b) #दिल्ली, मेरठ की लोक बोली के अर्थ में होता है। 

(c) #खड़ी बोली का उद्भव शौरसेनी अपभ्रंश के उत्तरी रूप से हुआ है।       

(d) खड़ी बोली में लोक-साहित्य बिलकुल नहीं है।

कोड :

(a) (a) और (d) सही

(b) (c) और (d) सही

(c) (a), (b) और (c) सही

(d) (b) और (d) सही

ANS : (c) (a), (b) और (c) सही

 

  1. #निम्नलिखित विकल्पों में से किसका सम्बन्ध रामधारी सिंह दिनकर से है ?

 (1) #कामाध्यात्म की समस्या           (2) #पौराणिक प्रसंग में भारत-चीन युद्ध का युगीन सन्दर्भ          

(3) #युद्ध-दर्शन                    (4) सुधारवाद

कोड :

(1) (c) और (d) सही         (2) (a), (b) और (c) सही

(3) (b) और (d) सही          (4) (b), (c) और (d) सही

ANS : #(2) (a), (b) और (c) सही\

 

  1. निम्नलिखित में से कोन-से किनका सम्बन्ध सच्चिदानन्द हीरानन्द वात्यायन से है ?

 (a) आत्मचेतस  (b) विचार कविता  (c) बावरा अहेरी  (d) जापानी तोककथा का रहस्यात्मक उपयोग

कोड :

(1) (a) और (b) सही

(2) (b) और (c) सही

(3) (b), (c) और (d) सही

(4) (a), (c) और (d) सही

ANS : (4) (a), (c) और (d) सही

 

  1. निम्नलिखित में से कोन-से #प्रेमचन्द की कहानियों के पात्र है :

 (a) लहनासिंह   (b) #पंडित बुद्धिराम      (c) #अमीना     (d) सुनन्दा

कोड :

(1) (a) (b ) और (c) सही

(2) (b) और (c) सही

(3) (b), (c) और (d) सही

(4) (d), (c) और (a) सही

ANS : #(2) (b) और (c) सही

 

  1. #निम्नलिखित में से कोन-से प्रेमचन्द के उपन्यासों के पात्र है :

 (a) #कृष्णचन्द्र (b) #सोफ़िया    (c) हरिप्रसन्न    (d) #गजाधर

कोड :

(1) (a), (b) और (c) सही

(2) (a), (c) और (d) सही

(3) (a), (b) और (d) सही

(4) (b), (c) और (d) सही

ANS : #(3) (a), (b) और (d) सही

 

  1. निम्नलिखित में से #हज़ारी प्रसाद द्वारा रचित निबन्ध-संग्रह है :

(a) #आलोक पर्व        (b) माटी हो गई सोना    (c) #विचार और वितर्क   (d) कुछ उथले कहछ गहरे

कोड :

(1) (a) और (c) सही

(2) (a) (b) और (c) सही

(3) (c) और (d) सही

(4) (a) और (b) सही

ANS : #(1) (a) और (c) सही

 

  1. निम्नलिखित में से कौन-सी रचनाएँ #दलित आत्मकथाएँ हैं

(a) #अपने-अपने पिंजरे   (b) मुड़-मुड़ के देखता हूँ  (c) #मेरी पत्नी और भेड़िया       (d) गर्दिश के दिन

कोड :

(1) (b) और (c) सही

(2) (a) और (c) सही

(3) (a), (b) और (c) सही

(4) (c), (d) और (a) सही

ANS :#(2) (a) और (c) सही

 

  1. निम्नलिखित में से किन #लेखकों का सम्बन्ध यथार्थवाद से है ?

(a) मादाम बावेरी (b) #जान लोक (c) #सेमुअल पी. हटिंगटन (d) क्लाड लेवी स्वास

कोड :

(1) (a) और (b) सही

(2) (a) और (c) सही

(3) (c) और (d) सही

(4) (b) और (c) सही

ANS : (1) (a) और (b) सही

 

  1. निम्नलिखित में से #कौन-से नाटक प्रेमचन्द द्वारा रचित हैं :

(a) डिक्टेटर            (b) #संग्राम            (c) बड़े खिलाड़ी     (d) #प्रेम की वेदी

कोड :

(1) (b) और (d) सही

(2) (a) और (c) सही

(3) (b) और (c) सही

(4) (a) और (d) सही

ANS : (1) #(b) और (d) सही

 

  1. #साधारणीकरण के विषय में कौन-से कथन सही हैं ?

(a) साधारणीकरण रसास्वाद के बाद की प्रक्रिया है।

(b) साधारणीकरण आलम्बनत्व धर्म का होता है।

(c) साधारणीकरण के लिए भोजकत्व व्यापार अनिवार्य है।

(d) साधारणीकरण के बिना भी रसानुभूति सम्भव है।

कोड :

(1) (a) और (b) सही

(2) (a) और (c) सही

(3) (b) और (c) सही

(4) (c) और (d) सही

ANS : (3) #(b) और (c) सही

 

  1. ”#नीलोत्पल के बीच समाए मोती से आँसू के बूँद।” उक्त काव्यांश के लिए कौन-से सही हैं?

(a) इसमें अलंकार ध्वनि है।      (b) यह रस ध्वनि का उदाहरण है।

(c) इसमें तिरस्कृत वाच्य ध्वनि है। (d) यह लक्षण लक्षणा पर आधारित है।

कोड :

(1) (a) और (b) सही         (2) (c) और (d) सही

(3) (b) और (c) सही            (4) (a) और (d) सही

ANS : (4) (a) और (d) सही

 

  1. रचनाकाल की दृष्टि से निम्नलिखित #सूफी रचनाओं का सही अनुक्रम है :

(1) चित्रावली, मृगावती, चांदायन, अनुराग बाँसुरी

(2) मृगावती, चित्रावली, चांदायन, अनुराग बाँसुरी

(3) चांदायन, मृगावती, अनुराग बाँसुरी, चित्रावली

ANS : (4) #चांदायन (1379 ई.), मृगावती (1503 ई.), चित्रावली (1603 ई.), अनुराग बाँसुरी (1764 ई.)

 

  1. जन्मकाल के आधार पर #सन्त कवियों का सही अनुक्रम है :

(1) दादू, मलूकदास, गुरु नानक, सुन्दरदास

(2) गुरु नानक, दादू, मलूकदास, सुन्दरदास

(3) मलूकदास, दादू, सुन्दरदास, गुरु नानक

(4) गुरु नानक , सुन्दरदास, दादू, मलूकदास

ANS : (2) गुरु नानक  (1469 ई.), दादू (1544 ई.), मलूकदास (1574 ई.), सुन्दरदास (1596 ई.)

 

  1. जन्मकाल के आधार पर निम्नलिखित #रीतिग्रंथकारों का सही अनुक्रम है :

(1) सूरति मिश्र, देव, भूषण, जसवन्त सिंह

(2) भूषण, जसवन्त सिंह, देव, सूरति मिश्र

(3) भूषण, देव, सूरति मिश्र, जसवन्त सिंह

(4) देव, सूरति मिश्र, भूषण, जसवन्त सिंह

ANS : (2) #भूषण (1623 ई.), जसवन्त सिंह, (1627 ई.) देव (1673 ई.), सूरति मिश्र (1689 ई.)

 

  1. जन्मकाल के आधार पर निम्नलिखित #कवियों का सही अनुक्रम है :

(1) श्रीधर पाठक, अयोध्यासिंह उपाध्याय हरिऔध, गयाप्रसाद शुक्ल सनेही, रामनरेश त्रिपाठी

(2) गयाप्रसाद शुक्ल सनेही, अयोध्यासिंह उपाध्याय हरिऔध, श्रीधर पाठक, रामनरेश त्रिपाठी

(3) रामनरेश त्रिपाठी, श्रीधर पाठक, गयाप्रसाद शुक्ल सनेही, अयोध्यासिंह उपाध्याय हरिऔध

(4) श्रीधर पाठक, रामनरेश त्रिपाठी, अयोध्यासिंह उपाध्याय हरिऔध, गयाप्रसाद शुक्ल सनेही

ANS : (1) #श्रीधर पाठक  (18 59.), अयोध्यासिंह उपाध्याय हरिऔध  (1866 ई.), गयाप्रसाद शुक्ल सनेही  (1883 ई.), रामनरेश त्रिपाठी (1899 ई.)

 

  1. प्रकाशन-काल के आधार पर निम्नलिखित #रचनाओं का सही अनुक्रम है :

(1) उर्वशी, कनुप्रिया, कामायनी, यशोधरा

(2) यशोधरा, कामायनी, कनुप्रिया, उर्वशी

(3) यशोधरा, उर्वशी, कामायनी, कनुप्रिया

(4) कामायनी, यशोधरा, कनुप्रिया, उर्वशी

ANS : (2) #यशोधरा (1932 ई.), कामायनी (1936 ई.), कनुप्रिया (1959 ई.), उर्वशी (1961 ई.)

 

  1. प्रकाशन-काल के आधार पर #हरिवंशराय बच्चन की रचनाओं का सही अनुक्रम है :

(1) निशा निमंत्रण, प्रणय पत्रिका, जाल समेटा, मिलन यामिनी

(2) प्रणय पत्रिका, निशा निमंत्रण, मिलन यामिनी, जाल समेटा

(3) मिलन यामिनी, प्रणय पत्रिका, निशा निमंत्रण, जाल समेटा

(4) निशा निमंत्रण, मिलन यामिनी, प्रणय पत्रिका, जाल समेटा

ANS : (4) #निशा निमंत्रण (1936 ई.), मिलन यामिनी (1950 ई.), प्रणय पत्रिका (1955 ई.), जाल समेटा  (1973 ई.)

 

  1. प्रकाशन-वर्ष के अनुसार निम्नलिखित #कविताओं का सही अनुक्रम है :

(1) मधुबाला, प्रलय की छाया, पटकथा, असाध्य वीणा

(2) पटकथा, असाध्य वीणा, मधुबाला, प्रलय की छाया

(3) प्रलय की छाया, मधुबाला, असाध्य वीणा, पटकथा

(4) प्रलय की छाया, पटकथा, मधुबाला, असाध्य वीणा

ANS : (4) #प्रलय की छाया  (1933 ई.), मधुबाला  (1936 ई.), असाध्य वीणा  (1961 ई.), पटकथा  (1972 ई.)

 

  1. प्रकाशन-वर्ष के अनुसार निम्नलिखित उपन्यासों का सही अनुक्रम है :

(1) दिव्या, जहाज का पंछी, अमृत और विष, पहला पड़ाव

(2) जहाज का पंछी, अमृत और विष, पहला पड़ाव, दिव्या

(3) अमृत और विष, पहला पड़ाव, दिव्या, जहाज का पंछी

(4) पहला पड़ाव, दिव्या, जहाज का पंछी, अमृत और विष

ANS : (1) #दिव्या (1945, यशपाल), जहाज का पंछी (1955, इलाचन्द्र जोशी) , अमृत और विष (1966, अमृतलाल नागर), पहला पड़ाव (1987, श्रीलाल शुक्ल)

 

  1. प्रकाशन-वर्ष के अनुसार निम्नलिखित #कहानियों का सही अनुक्रम है :

(1) परिन्दे, राजा निरबंसिया, उसने रहा था, एक टोकरी भर मिट्टी

(2) राजा निरबंसिया, उसने रहा था, परिन्दे, एक टोकरी भर मिट्टी

(3) उसने रहा था, एक टोकरी भर मिट्टी, राजा निरबंसिया, परिन्दे

(4) एक टोकरी भर मिट्टी, उसने रहा था, राजा निरबंसिया, परिन्दे

ANS : (4) #एक टोकरी भर मिट्टी (1901, माधव सप्रे), उसने रहा था (1915, गुलेरी), राजा निरबंसिया (1957, कमलेश्वर), परिन्दे (1960, निर्मल वर्मा)

 

  1. प्रकाशन-वर्ष के अनुसार निम्नलिखित #निबन्धों का सही अनुक्रम है :

(1) कला का जोखिम, आस्था और सौन्दर्य, श्रृंखला की कड़ियाँ, अशोक के फूल

(2) अशोक के फूल, श्रृंखला की कड़ियाँ, आस्था और सौन्दर्य, कला का जोखिम

(3) श्रृंखला की कड़ियाँ, अशोक के फूल, आस्था और सौन्दर्य, कला का जोखिम

(4) आस्था और सौन्दर्य, कला का जोखिम, अशोक के फूल, श्रृंखला की कड़ियाँ

ANS : (3) #श्रृंखला की कड़ियाँ (1942, महादेवी वर्मा), अशोक के फूल (1948, हज़ारी प्रसाद द्विदेदी), आस्था और सौन्दर्य (1961, रामविलास शर्मा), कला का जोखिम (1981, निर्मल वर्मा)

 

  1. प्रकाशन-वर्ष के अनुसार निम्नलिखित #जीवनीपरक ग्रंथों का सही अनुक्रम है :

(1) व्योमेश दरवेश, क़लम का मज़दूर, क़लम का सिपाही, आवारा मसीहा

(2) आवारा मसीहा, व्योमेश दरवेश, क़लम का मज़दूर, क़लम का सिपाही

(3) क़लम का मज़दूर, आवारा मसीहा, व्योमेश दरवेश, क़लम का सिपाही

(4) क़लम का सिपाही, क़लम का मज़दूर, आवारा मसीहा, व्योमेश दरवेश

ANS : (4) #क़लम का सिपाही (1962, अमृतराय), क़लम का मज़दूर (1964, मदन गोपाल), आवारा मसीहा (1974, विष्णु प्रभाकर, शरतचन्द्र पर), व्योमेश दरवेश (2011, विश्वनाथ तिपाठी)

 

  1. प्रकाशन-वर्ष के अनुसार #सुरेन्द्र वर्मा के नाटकों का सही अनुक्रम है :

(1) सेतुबन्ध, एक दूनी एक, आठवाँ सर्ग, रति का कंगन

(2) आठवाँ सर्ग, सेतुबन्ध, रति का कंगन, एक दूनी एक

 (3) सेतुबन्ध, आठवाँ सर्ग, एक दूनी एक, रति का कंगन

 (4) आठवाँ सर्ग, सेतुबन्ध, एक दूनी एक, रति का कंगन

ANS : (3) #सेतुबन्ध (1972), आठवाँ सर्ग ()1976, एक दूनी एक (1987), रति का कंगन (2010)

 

  1. प्रकाशन-वर्ष के आधार पर निम्नलिखित #आलोचनात्मक कृतियों का सही अनुक्रम है :

(1) कवि सुमित्रानन्दन पन्त, हिन्दी साहित्य का आदिकाल, मिथक और साहित्य, भारतीय सौन्दर्यबोध और तुलसीदास

(2) हिन्दी साहित्य का आदिकाल, कवि सुमित्रानन्दन पन्त, मिथक और साहित्य, भारतीय सौन्दर्यबोध और तुलसीदास

(3) मिथक और साहित्य, कवि सुमित्रानन्दन पन्त, भारतीय सौन्दर्यबोध और तुलसीदास, हिन्दी साहित्य का आदिकाल,

(4) भारतीय सौन्दर्यबोध और तुलसीदास, मिथक और साहित्य, हिन्दी साहित्य का आदिकाल, कवि सुमित्रानन्दन पन्त

ANS : (2) #हिन्दी साहित्य का आदिकाल (1952 ई.), कवि सुमित्रानन्दन पन्त (1976 ई.), मिथक और साहित्य (1987 ई.), भारतीय सौन्दर्यबोध और तुलसीदास (2001 ई.)

 

  1. प्रकाशन-वर्ष की दृष्टि से #नन्ददुलारे वाजपेयी की आलोचनात्मक कृतियों का सही अनुक्रम है :

(1) नई कविता, जयशंकर प्रसाद, कवि निराला, आधुनिक साहित्य

(2) जयशंकर प्रसाद, आधुनिक साहित्य, कवि निराला, नई कविता

(3) कवि निराला, नई कविता, जयशंकर प्रसाद, आधुनिक साहित्य

(4) जयशंकर प्रसाद, कवि निराला, नई कविता, आधुनिक साहित्य

ANS : (2) #जयशंकर प्रसाद (1940), आधुनिक साहित्य (1950), कवि निराला (1965), नई कविता (1976)

 

  1. कालक्रम की दृष्टि से निम्नलिखित #आचार्यों का सही अनुक्रम है :

(1) वामन, कुन्तक, मम्मट, विश्वनाथ

(2) विश्वनाथ, कुन्तक, मम्मट, वामन

(3) कुन्तक, विश्वनाथ, वामन, मम्मट

(4) मम्मट, वामन, कुन्तक, विश्वनाथ

ANS : (1) वामन  (8वीं-नवीं शती), कुन्तक (10वीं-11वीं शती), मम्मट (11वीं शती का उत्तरार्द्ध), विश्वनाथ (14वीं शती)

 

निर्देश : प्रश्न संख्या 56 से 75 तक के प्रश्नों में दो कथन दिए गए हैं । इनमें से एक स्थाहना (Assertion) (A) है और दूसरा तर्क (Reason) (R) है। कोड में दिए गए विकल्पों में से से सही विकल्प का चयन कीजिए।

  1. स्थापना (Assertion) (A) : #जिस प्रकार हमारी आँखों के सामने आए हुए कुछ रूप व्यापर हमें रसात्मक भावों में मग्न करते हैं, उसी प्रकार भूतकाल में प्रत्यक्ष की हुई कुछ परोक्ष वस्तुओं का वासतविक स्मरण भी कभी-खबी रसात्मक होता है।

तर्क (Reason) (R) : क्योंकि #हमारी मनोवृत्ति स्वार्थ या शरीर यात्रा के रूखे विधानों से हटकर कुछ भाव क्षेत्र में स्थिर हो जाती है।

कोड :

(1)  (A) सही (R) सही          (2) (A) सही (R) ग़लत       (3) (A) ग़लत (R) सही       (4) (A) ग़लत (R) ग़लत

ANS : (1) (A) सही (R) सही

 

  1. स्थापना (Assertion) (A) : #साहित्य का इतिहास वस्तुतः मनुष्य-जीवन के अखंड प्रवाह का इतिहास है।

तर्क (Reason) (R) : क्योंकि #मनुष्य ही साहित्य का अन्तिम लक्ष्य है।

कोड :

(1) (A) सही (R) ग़लत   (2) (A) सही (R) सही    (3) (A) ग़लत (R) सही   (4) (A) ग़लत (R) ग़लत

ANS : (2) (A) सही (R) सही

 

  1. स्थापना (Assertion) (A) : #भूमंडलीकरण विश्व की पूँजीवादी व्यवस्था है।

तर्क (Reason) (R) : क्योंकि #इसमें पूरा विश्व एक बाज़ार है और व्यक्ति उपभोक्ता।

कोड :

(1)  (A) ग़लत (R) सही   (2) (A) सही (R) ग़लत   (3) (A) सही (R) सही    (4) (A) ग़लत (R) ग़लत

ANS : (3) (A) सही (R) सही

 

  1. स्थापना (Assertion) (A) : #दलित साहित्य का वैचारिक आधार मार्क्सवाद है।

तर्क (Reason) (R) : क्योंकि #इसमें वर्ग-संघर्ष की हिमायत की गई है।

कोड :

(1)  (A) सही (R) सही    (2) (A) ग़लत (R) ग़लत  (3) (A) ग़लत (R) सही   (4) (A) सही (R) ग़लत

ANS : (2) (A) ग़लत (R) ग़लत

 

  1. स्थापना (Assertion) (A) : #अस्तित्ववाद सामाजिक कल्याण और सह अस्तित्व का दर्शन है।

तर्क (Reason) (R) : क्योंकि #यह व्यक्ति की स्वतंत्रता और चयन की आज़ादी का पक्षधर है।

कोड :

(1)  (A) सही (R) ग़लत       (2) (A) ग़लत (R) सही    (3) (A) सही (R) सही     (4) (A) ग़लत (R) ग़लत

ANS : (2) (A) ग़लत (R) सही

 

  1. स्थापना (Assertion) (A) : #वासना या संस्कार वंशनुक्रम से चली आती हुई दीर्घ भाव-परम्परा का मनुष्य जाति की अन्तःप्रकृति में निहित संचय नहीं है।

तर्क (Reason) (R) : #इसी कारण भारतीय आचार्यों की यह मान्यता पश्चिम की मनोविश्लेषणवादी सामूहिक अवचेतन की अवधारणा से पुष्ट है।

कोड :

(1)  (A) सही (R) सही          (2) (A) सही (R) ग़लत   (3) (A) ग़लत (R) ग़लत  (4) (A) ग़लत (R) सही

ANS : (3) (A) ग़लत (R) ग़लत

 

  1. स्थापना (Assertion) (A) : #किसी काव्य का श्रोता, पाठक जिन विषयों को मन में रति, करुणा, क्रोध, उत्साह इत्यादि भावों तथा सौन्दर्य, रहस्य, गाम्भीर्य आदि भावनाओं का अनुभव करता है, वे अकेले उसी के हृदय से सम्बन्ध रखनेवाले होते हैं।

तर्क (Reason) (R) : क्योंकि #उपर्युक्त सभी विषय और भाव मनुष्य मात्र की भावात्मक सत्ता पर प्रभाव डालनेवाले होते हैं।

कोड :

  • (A) सही (R) ग़लत (2) (A) ग़लत (R) सही   (3) (A) ग़लत (R) ग़लत  (4) (A) सही (R) सही

ANS : (2) (A) ग़लत (R) सही

 

  1. स्थापना (Assertion) (A) : #यह दृष्टकोण पूर्णतः स्थापित है कि एकांकी नाटक का लघु संस्करण है।

तर्क (Reason) (R) : क्योंकि #पूर्णकालिक नाटक को काट-छाँट कर नाट्यकार्य अथवा नाटकीय संघर्ष का पूर्ण विकास प्रदर्शित नहीं किया दा सकता है।

कोड :

(1)  (A) सही (R) ग़लत  (2) (A) ग़लत (R) सही   (3) (A) सही (R) सही    (4) (A) ग़लत (R) ग़लत

ANS : (4) (A) ग़लत (R) ग़लत

 

  1. स्थापना (Assertion) (A) : #वस्तु में सौन्दर्य एक ऐसी शक्ति या ऐसा धर्म है जो द्रष्टा को आन्दोलित और हिल्लोलित कर सकता है और द्रष्टा में भी ऐसी शक्ति है, एक ऐसा संवेदन है, जो द्रष्टव्य के सौन्दर्य से चालित और हल्लोलित होने की योग्यता देता है।

तर्क (Reason) (R) : क्योंकि #द्रष्टा और द्रष्टव्य में एक ही समानधर्मा तत्व अन्तर्निहित है।

कोड :

(1)  (A) सही (R) सही      (2) (A) ग़लत (R) ग़लत  (3) (A) ग़लत (R) सही   (4) (A) सही (R) ग़लत

ANS : (1)  (A) सही (R) सही

 

  1. स्थापना (Assertion) (A) : #नाटक जड़ या रूढ़ नहीं, एक गतिशील पाठ है।

तर्क (Reason) (R) : क्योंकि #यह लिखा कभी जाए खेला वर्तमान में जाता है।

कोड :

(1)  (A) सही (R) सही          (2) (A) ग़लत (R) ग़लत  (3) (A) सही (R) ग़लत   (4) (A) ग़लत (R) सही

ANS : (1)  (A) सही (R) सही

 

  1. स्थापना (Assertion) (A) : #कविता में चित्रित प्रेम निजी होता है।

तर्क (Reason) (R) : क्योंकि #प्रेम सामाजिक भाव नहीं है।

कोड :

(1)  (A) सही (R) ग़लत       (2) (A) सही (R) सही    (3) (A) ग़लत (R) ग़लत  (4) (A) ग़लत (R) सही

ANS : (3) (A) ग़लत (R) ग़लत

 

  1. स्थापना (Assertion) (A) : #चेतना अनुभूति की सघनता और चिन्तन की परकाष्ठा है।

तर्क (Reason) (R) : क्योंकि #अनुभूति और चिन्तन का सम्बन्ध शुद्ध हृदय के संवेदन से है।

कोड :

(1)  (A) सही (R) सही          (2) (A) सही (R) ग़लत   (3) (A) ग़लत (R) ग़लत  (4) (A) ग़लत (R) सही

ANS : (2) (A) सही (R) ग़लत

 

  1. स्थापना (Assertion) (A) : #श्रद्धा में कारण अन्तर्निहित और आलम्बन अज्ञात होता है।

तर्क (Reason) (R) : क्योंकि #श्रद्धा में दृष्टि व्यक्ति के कर्मों से होती हुई श्रद्धेय तक पहुँचती है।

कोड :

(1)  (A) सही (R) ग़लत       (2) (A) ग़लत (R) ग़लत  (3) (A) ग़लत (R) सही   (4) (A) सही (R) सही

ANS : (3) (A) ग़लत (R) सही

 

  1. स्थापना (Assertion) (A) : #छायावाद शुद्ध लौकिक और सौन्दर्य का काव्य है।

तर्क (Reason) (R) : इसीलिए #उसमें राष्ट्रबोध और आध्यात्मिक चेतना न के बराबर है।

कोड :

(1)  (A) सही (R) ग़लत       (2) (A) ग़लत (R) सही   (3) (A) सही (R) सही    (4) (A) ग़लत (R) ग़लत

ANS : (4) (A) ग़लत (R) ग़लत

 

  1. स्थापना (Assertion) (A) : #भक्ति को ‘सा परानुरकितरीश्वरे’ कहा गया है।

तर्क (Reason) (R) : इसीलिए #भक्ति को साध्यस्वरूपा माना गया है।

कोड :

(1)  (A) सही (R) ग़लत       (2) (A) ग़लत (R) सही   (3) (A) सही (R) सही    (4) (A) ग़लत (R) ग़लत

ANS : (3) (A) सही (R) सही

 

  1. स्थापना (Assertion) (A) : #मानव और प्रकृति के बीच समानता, पूर्व सम्पर्क, पूरकता या विरोध भाव में मिथक सृजन के सूत्र विद्यमान होतो हैं।

तर्क (Reason) (R) : क्योंकि #प्रकृति में अलौकिकता और दिव्यशक्ति है और मानव कल्पना तथा प्रकृति के मध्य सीधा औऱ अनिवार्य सम्बन्ध है।

कोड :

(1)  (A) सही (R) ग़लत       (2) (A) सही (R) ग़लत   (3) (A) ग़लत (R) ग़लत  (4) सही (R) सही

ANS : (4) सही (R) सही

 

  1. स्थापना (Assertion) (A) : $स्वच्छन्दतावाद छायावाद और रहस्यवाद का पर्याय ही ह।

तर्क (Reason) (R) : क्योंकि #यह द्विवेदीयुगीन शास्त्रीयता की प्रतिक्रियास्वरूप वैयक्तिक, काल्पनिक और निजी रहस्यानुभूति का प्रतिफलन है। 

कोड :

(1)  (A) सही (R) ग़लत       (2) (A) ग़लत (R) सही   (3) (A) सही (R) सही    (4) (A) ग़लत (R) ग़लत

ANS : (2) (A) ग़लत (R) सही

 

  1. स्थापना (Assertion) (A) : #अद्वैतवाद आत्मतत्व का विस्तार है।

तर्क (Reason) (R) : क्योंकि #वह जीव और जगत् की पृथक सत्त्ता को स्वीकार करता है।

कोड :

(1)  (A) सही (R) ग़लत       (2) (A) ग़लत (R) सही   (3) (A) ग़लत (R) ग़लत  (4) (A) सही (R) सही

ANS : (1)  (A) सही (R) ग़लत

 

  1. स्थापना (Assertion) (A) : #आधुनिकता कोई शाश्वत मूल्य नहीं, वह मूल्यों के परिवर्तन का पर्याय है।

तर्क (Reason) (R) : क्योंकि #बदलाव की प्रक्रिया में हर युग आधुनिक होता है।

कोड :

(1)  (A) सही (R) ग़लत       (2) (A) ग़लत (R) सही   (3) (A) सही (R) सही    (4) (A) ग़लत (R) ग़लत

ANS : (3) (A) सही (R) सही

 

  1. स्थापना (Assertion) (A) : #देश-भक्ति, संस्कृति-राग, चरित्रों की उदात्तता, भाषिक गरिमा और लम्बी कालावधि के विस्तृत कथानक के कारण जयशंकर प्रसाद का नाटक चन्द्रगुप्त महाकाव्योचित औदात्य से परिपूर्ण नाटक है।

तर्क (Reason) (R) : #साथ ही उसमें ब्रेख्त के महानाट्य (एपिक थिएटर) की सम्पूर्ण विशेषताएँ भी मिलती हैं।

कोड :

(1)  (A) सही (R) सही          (2) (A) ग़लत (R) ग़लत  (3) (A) ग़लत (R) सही   (4) (A) सही (R) ग़लत

ANS : (4) (A) सही (R) ग़लत

 

  1. निम्नलिखित #बोलियों को उनके क्षेत्र के साथ सुमेलित कीजिए :

            सूची-I               सूची-II

  • #खड़ीबेली (i) बिलासपुर
  • #ब्रजभाषा (ii) सुल्तानपुर
  • #बांगड़ू (iii) आगरा
  • #अवधी (iv) बिजनौर (v) करनाल

कोड :

(a)    (b)    (c)    (d)

(1)    (iii)   (iv)   (v)    (i)

(2)    (iv)   (iii)   (v)    (ii)

(3)    (iv)   (ii)    (iii)   (v)

(4)    (ii)    (iii)   (iv)   (v)

ANS : (2)     (iv)   (iii)   (v)    (ii)

 

  1. निम्नलिखित #काव्यभाषाओं को उनसे सम्बद्ध रचनाओं के साथ सुमेलित कीजिए :

सूची-I                                 सूची-II

  • #अवहट्ठ (i) भँवर गीत
  • #ब्रजभाषा (ii) प्रिय प्रवास
  • #अवधी (iii) कीर्तिलता
  • #खड़ीबोली (iv) प्रबन्ध चिन्तामणि (v) मधुमालती

कोड :

(a)    (b)    (c)    (d)

(1)    (iv)   (iii)   (ii)    (i)

(2)    (i)    (v)    (iii)   (iv)

(3)    (v)    (iv)   (ii)    (iii)

(4)    (iii)   (i)    (v)    (ii)

ANS : (4)     (iii)   (i)    (v)    (ii)

 

  1. निम्नलिखित #पंक्तियों को उनके रचयिता से सुमेलित कीजिए :

सूची-I                           सूची-II

  • #नगर बाहिरे डोंबी तोहरी कुडिया छाइ (i) लूहिपा
  • #काआ तरुवर पंच बिडाल (ii) कण्हपा
  • #कड़ुवा बोल न बोलिस नारि       (iii) खुसरो
  • #मोरा जोवना नवेलरा भयो है गुलाल (iv) नरपता नाल्ह (v) सरहपा

कोड :

(a)    (b)    (c)    (d)

(1)    (ii)    (i)    (iv)   (iii)

(2)    (i)    (ii)    (iii)   (v)

(3)    (iv)   (iii)   (ii)    (i)

(4)    (iii)   (ii)    (v)    (iv)

 ANS : (1)    (ii)    (i)    (iv)   (iii)

 

  1. निम्नलिखित काव्य-पंक्तयों को उनके रचनाकारों के साथ सुमेलित कीजिए :

            सूची-I                           सूची-II

  • #ओनई घटा, परी जग छाहाँ (i) सूरदास
  • #आवत जात पनहियाँ टूटी (ii) कुंभनदास
  • #अति मलीन वृषभानु कुमारी (iii) तुलसीदास
  • #कीरति भनिति भूतिभल सोई (iv) जायसी (v) कबीरदास

कोड :

(a)    (b)    (c)    (d)

(1)    (i)    (iii)   (iv)   (v)

(2)    (i)    (v)    (iii)   (iv)

(3)    (ii)    (v)    (iv)   (iii)

(4)    (iv)   (ii)    (i)    (iii)

ANS : (4)              (iv)         (ii)          (i)           (iii)

 

  1. निम्नलिखित #दार्शनिक सिद्धान्तों को उनसे सम्बद्ध कवियों के साथ सुमेलित कीजिए :

            सूची-I                           सूची-II

  • #अद्वैतवाद (i) जायसी
  • #विशिष्टाद्वैतवाद (ii) हरिदास
  • #शुद्धाद्वैतवाद       (iii) रैदास
  • #सखी सम्प्रदाय       (iv) कुंभनदास (v) तुलसीदास

कोड :

(a)    (b)    (c)    (d)

(1)    (iii)   (v)    (iv)   (ii)

(2)    (i)    (ii)    (iii)   (iv)

(3)    (ii)    (iii)   (v)    (i)

(4)    (iv)   (i)    (ii)    (v)

 ANS : (1)    (iii)   (v)    (iv)   (ii)

 

  1. निम्नलिखित #कृतियों को उनके रचनाकारों के साथ सुमेलित कीजिए :

            सूची-I                           सूची-II

  • #जपुजी       (i) तुलसीदास
  • #रसमंजरी       (ii) कबीरदास
  • #बरवै नायिका भेद (iii) नन्ददास
  • #वैराग्य संदीपनी (iv) रहीम     (v) नानक

कोड :

(a)    (b)    (c)    (d)

(1)    (v)    (iv)   (iii)   (i)

(2)    (i)    (ii)    (iii)   (iv)

(3)    (v)    (iii)   (iv)   (i)

(4)    (iv)   (v)    (iii)   (i)

ANS : (3)              (v)          (iii)         (iv)         (i)

 

  1. निम्नलिखित #रचनाओं को उनके प्रतिपाद्य के आधार पर सुमेलित कीजिए :

            सूची-I                           सूची-II

  • #शिवराज भूषण       (i) सर्वांग निरूपण
  • ##छत्र प्रकाश (ii) रीतिस्वच्छन्दवृत्ति

(3) #विरहवारीश         (iii) जीवन चरित

(4) #काव्य-निरेणय      (iv) अलंकार निरूपण

(v) रस निरूपण

कोड :

(a)    (b)    (c)    (d)

(1)    (i)    (v)    (iii)   (iv)

(2)    (iv)   (iii)   (ii)    (i)

(3)    (ii)    (i)    (iii)   (iv)

(4)    (ii)    (iii)   (v)    (iv)

ANS : (2)     (iv)   (iii)   (ii)    (i)

 

  1. निम्नलिखित #रस-प्रतिपादक कृतियों को उनके रचनाकारों के साथ सुमेलित कीजिए :

            सूची-I                           सूची-II

  • #रस सागर (i) मतिराम
  • #रस चन्द्रोदय (ii) कवीन्द्र
  • #रसराज (iii) सोमनाथ
  • #रसपीयूष निधि (iv) भिखारीदास (v) श्रीपति

कोड :

(a)    (b)    (c)    (d)

(1)    (i)    (ii)    (iii)   (iv)

(2)    (ii)    (iii)   (v)    (iv)

(3)    (v)    (ii)    (i)    (iii)

(4)    (iii)   (iv)   (ii)    (i)

ANS : (3)              (v)          (ii)          (i)           (iii)

 

  1. निम्नलिखित #काव्य-पंक्तयों को उनके रचनाकारों के साथ सुमेलित कीजिए :

            सूची-I                           सूची-II

  • #दुःख ही जीवन की कथा रही

क्या कहूँ आज जो नहीं कही । (i) अज्ञेय

  • #मैं दिन को ढूंढ रही हूँ

जुगनू की उजियाली में ।    

मन माँग रहा है मेरा

सिकता हीरक प्याली में ।    (ii) पन्त

  • #रोज़ सवेरे थोड़ा-सा मैं अतीत में जी लेता हूँ

क्योंकि रोज़ शाम को मैं थोड़ा-सा भविष्य में मर  जाता हूँ   (iii) महादेवी

  • #बिखरी अलकें ज्यों तर्क जाल

वह विश्व मुकुट-सा उज्ज्वलतम शशिखंड

सदृश्य था स्पष्ट भाल             (iv) निराला (v) प्रसाद

कोड :

(a)    (b)    (c)    (d)

(1)    (iv)   (iii)   (i)    (v)

(2)    (v)    (i)    (ii)    (iii)

(3)    (i)    (ii)    (iii)   (iv)

(4)    (ii)    (iv)   (v)    (i)

ANS :  (1)     (iv)          (iii)          (i)            (v)

 

  1. निम्नलिखित पात्रों को लम्बद्ध काव्य-कृतियों के साथ सुमेलित कीजिए :

            सूची-I                           सूची-II

  • #कर्ण       (i) उर्वशी
  • #कमला (ii) यशोधरा
  • #औशीनरी (iii) रश्मिरथी
  • #राहुल (iv) प्रलय की छाया (v) कामायनी

कोड :

(a)    (b)    (c)    (d)

(1)    (i)    (ii)    (iii)   (iv)

(2)    (iv)   (v)    (ii)    (iii)

(3)    (iii)   (iv)   (i)    (ii)

(4)    (ii)    (iii)   (v)    (i)

ANS :  (3)     (iii)          (iv)         (i)            (ii)

 

  1. निम्नलिखित कवियों को उनकी रचनाओं के साथ सुमेलित कीजिए :

            सूची-I                           सूची-II

  • अज्ञेय (i) #कला और बूढ़ा चाँद
  • बच्चन       (ii) #दीपशिखा
  • रघुवीर सहाय       (iii) #पहले मैं सन्नाटा बुनता हूँ
  • सुमित्रानन्दन पन्त (iv) #सतरंगिनी (v) #सीढ़ियों पर धूप में

कोड :

(a)    (b)    (c)    (d)

(1)    (i)    (ii)    (iii)   (iv)

(2)    (v)    (iv)   (i)    (ii)

(3)    (iii)   (iv)   (v)    (i)

(4)    (iv)   (i)    (ii)    (iii)

ANS : (3)     (iii)   (iv)   (v)    (i)

 

  1. निम्नलिखित #कवियों को उनसे जुड़े आन्दोलनों के साथ सुमेलित कीजिए :

            सूची-I                           सूची-II

  • लक्ष्मीकान्त वर्मा (i) #नवगीत
  • नरेश       (ii) #प्रगतिवाद
  • शम्भुनाथ सिंह (iii) #प्रयोगवाद
  • केदारनाथ अग्रवाल (iv) #अकविता (v) #नकेनवाद

कोड :

(a)    (b)    (c)    (d)

(1)    (iv)   (v)    (i)    (ii)

(2)    (i)    (ii)    (iii)   (iv)

(3)    (iii)   (v)    (iv)   (i)

(4)    (ii)    (iii)   (v)    (iv)

ANS : (1)              (iv)         (v)          (i)           (ii)

 

  1. निम्नलिखित कहानियों को उनसे सम्बद्ध पात्रों के साथ सुमेलित कीजिए :

            सूची-I                           सूची-II

  • #आकाशदीप (i) सुनन्दा
  • #दिल्ली में एक मौत (ii) मालवी
  • #उसने कहा था (iii) बुद्धगुप्त
  • #गैंग्रीन (iv) आतुल (v) बोधासिंह

कोड :

(a)    (b)    (c)    (d)

(1)    (iii)   (iv)   (v)    (ii)

(2)    (iv)   (ii)    (iii)   (i)

(3)    (ii)    (iii)   (iv)   (v)

(4)    (iv)   (i)    (ii)    (iii)

 ANS : (1)    (iii)   (iv)   (v)    (ii)

 

  1. निम्नलिखित #उपन्यासों को उनके वर्ण्य विषय के साथ सुमेलित कीजिए :

            सूची-I                           सूची-II

  • #अजय की डायरी (i) समकालीन राजनीतिक परिवेश
  • #अन्तराल (ii) विदेशों में शोषित नारी
  • #बसन्ती       (iii) स्त्री-पुरुष सम्बन्धों में जटिलता
  • #महाभोज (iv) विश्वविद्यालय की पृष्ठभूमि

(v) महानगरी में बसी गन्दी बस्तियों का चित्रण

कोड :

(a)    (b)    (c)    (d)

(1)    (iv)   (iii)   (v)    (i)

(2)    (i)    (ii)    (iii)   (iv)

(3)    (ii)    (iv)   (i)    (iii)

(4)    (iii)   (v)    (iv)   (ii)

ANS : (1)     (iv)   (iii)   (v)    (i)

 

  1. निम्नलिखित #निबन्धों को उनके लेखकों के साथ सुमेलित कीजिए :

            सूची-I                           सूची-II

  • #कहानी-अकहानी       (i) शरद जोशी
  • #गन्धमादन       (ii) रामधारी सिंह दिनकर
  • #जीप पर सवार इल्लियाँ (iii) कुबेरनाथ राय
  • #मिट्टी की ओर       (iv) धर्मवीर भारती (v) हरिशंकर परसाई

कोड :

(a)    (b)    (c)    (d)

(1)    (i)    (ii)    (iii)   (iv)

(2)    (ii)    (iv)   (i)    (v)

(3)    (iv)   (iii)   (i)    (ii)

(4)    (iii)   (v)    (iv)   (i)

ANS :  (3)     (iv)          (iii)          (i)            (ii)

 

  1. निम्नलिखित #स्त्री-पात्रों को सम्बद्ध नाटकों के साथ सुमेलित कीजिए :

            सूची-I                           सूची-II

  • #उर्वी       (i) सूर्यमुख
  • #सुन्दरी (ii) स्कन्दगुप्त
  • #वेनुरती       (iii) देहान्तर
  • #देवसेना (iv) पहला राजा

(v) लहरों के राजहंस

कोड :

(a)    (b)    (c)    (d)

(1)    (i)    (iii)   (iv)   (ii)

(2)    (iv)   (iii)   (ii)    (v)

(3)    (iv)   (v)    (i)    (ii)

(4)    (v)    (iv)   (iii)   (ii)

ANS : (3)     (iv)   (v)    (i)    (ii)

 

  1. निम्नलिखित #उपन्यासों को उनसे सम्बद्ध पात्रों के साथ सुमेलित कीजिए :

            सूची-I                           सूची-II

  • #सूरज का सातवाँ घोड़ा (i) रंजना
  • #मैला आँचल (ii) इला
  • #एक इंच मुस्कान (iii) विश्वनाथ प्रसाद
  • #तमस (iv) माणिक मुल्ला (v) नत्थू

कोड :

(a)    (b)    (c)    (d)

(1)    (iv)   (iii)   (i)    (v)

(2)    (i)    (ii)    (iii)   (iv)

(3)    (ii)    (iv)   (v)    (iii)

(4)    (iii)   (v)    (iv)   (ii)

ANS :  (1)    (iv)   (iii)   (i)    (v)

 

  1. निम्नलिखित #गद्य-रचनाओं को उनके लेखकों के साथ सुमेलित कीजिए :

            सूची-I                           सूची-II

  • #हम-हशमत       (i) अजित कुमार
  • #बच्चन निकट से (ii) रामवृक्ष बेनीपुरी
  • #माटी की मूरतें       (iii) प्रभाकर माचवे
  • #चीड़ों पर चाँदनी (iv) कृष्णा सोबती

(v) निर्मल वर्मा

कोड :

(a)    (b)    (c)    (d)

(1)    (i)    (ii)    (iii)   (iv)

(2)    (iv)   (i)    (ii)    (v)

(3)    (iv)   (ii)    (iii)   (i)

(4)    (i)    (iv)   (v)    (iii)

 ANS : (2)    (iv)   (i)    (ii)    (v)

 

  1. निम्नलिखित #काव्याशों को उनमें निहित अलंकारों के साथ सुमेलित कीजिए :

            सूची-I                           सूची-II

  • #रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून

पानी गए न उबरे, मोती मानुष चून         (i) असंगति

  • #बंसी धुन सुनि बृज बधू चली बिसार विचार

भुज भूषण पहिरे पगनि भुजन नपेटे हार           (ii) रूपक

  • #जिन दिन देखे वे कुसुम गई सु बीति बहार

अब अलि रही गुलाब की अपत कँटीली डार   (iii) श्लेष

  • #उदित उदयगिरि मंच पर रघुबर बाल पतंग

बिकसे सन्त सरोज सब हरषे लोचन भृंग           (iv) अन्योक्ति

(v) उत्प्रेक्षा

कोड :

(a)    (b)    (c)    (d)

(1)    (iii)   (i)    (iv)   (ii)

(2)    (ii)    (v)    (iii)   (i)

(3)    (i)    (iii)   (v)    (iv)

(4)    (iv)   (ii)    (i)    (iii)

ANS : (1)     (iii)   (i)    (iv)   (ii)

 

  1. निम्नलिखित #अवधारणाओं को उनसे सम्बन्धित आचार्यों के साथ सुमेलित कीजिए :

            सूची-I                           सूची-II

  • #उत्तर-सेरचनावाद       (i) लुई अल्थ्युसर  (Louis Althusser)
  • #यथार्थवाद (ii) फ्रेडरिक जेमसन (Fredric Jameson)
  • #स्वच्छन्दतावाद       (iii) राबर्ट बर्न्स (Robert Burns)
  • #उत्तर-आधुनिकतीवाद (iv) जार्ज लुकाच (George Lukacs)

(v) डी. एच. लारेन्स (D. H. Lawrence)

कोड :

(a)    (b)    (c)    (d)

(1)    (i)    (iv)   (iii)   (ii)

(2)    (ii)    (i)    (iv)   (v)

(3)    (v)    (iv)   (ii)    (i)

(4)    (iii)   (ii)    (i)    (iv)

ANS : (1)     (i)    (iv)   (iii)   (ii)

 

निर्देश : निम्नलिखित अवतरण को ध्यानपूर्क पढ़िए और उससे सम्बन्धित प्रश्नों (प्रश्न-संख्या 96 से 100) के उत्तर के लिए गए विकल्पों में से सही विकल्प का चयन कीजिए :

#सौन्दर्य किसे कहते हैं? प्रकृति, मानव-जीवन तथा ललित कलाओँ के आनन्ददायक गुण का नाम सौन्दर्य है। इस स्थापना पर आपत्ति यह की जाती है कि कला में कुरूप और असुन्दर को भी स्थान मिलता है। दुःखान्त नाटक देखकर हमें वास्तव में दुःख होता है, साहित्य में वीभत्स का भी चित्रण होता है। उसे सुन्दर कैसे कहा जा सकता है ? इस आपत्ति का उत्तर यह है कि कला में कुरूप और असुन्दर विवादी स्वरों के समान है, जो राग के रूप को निखारते हैं। वीभत्स का चित्रण देखकर हम उससे प्रेम नहीं करने लगते, हम उस कला से प्रेम करते हैं जो हमें वीभत्स से घृणा करना सिखाती है। वीभत्स से घृणा करना सुन्दर कार्य है या असुन्दर ? जिसे हम कुरूप, असुन्दर और वीभत्स कहते हैं, कला में उसकी परिणति सौन्दर्य में होती है। दुखान्त नाटकों में दूसरों का दुःख देखकर द्रवित होते हैं। हमारी सहानुभूति अपने तक अथवा परिवार और तक, मित्रों तक सीमित न रहकर एक व्यापक रूप ले लेती है। मानव-करुणा के इस प्रसार को हम सुन्दर कहेंगे या असुन्दर ? सहानुभूति की इस व्यापकता से हमें प्रसन्न होना चाहिए या अप्रसन्न ? दुःखान्त नाटकों अथवा करुण रस के साहित्य से हमें दुःख की अनुभूति होती है, किन्तु यह दुःख अमिश्रित और निरपेक्ष नहीं होता। उस दुःख में वह आनन्द निहित होता है जो करुणा के प्रसार से हमें प्राप्त होता है। इसके सिवा इस तरह के साहित्य में हम बहुधा मनुष्य का विषम परिस्थितियों से वीरतापूर्ण संघर्ष करते हुए पाते हैं। संघर्ष का यह उदात्त भाव दुःख की अनुभूति प्रबुद्ध द्रशकों तथा पाठकों के लिए चुनौती का काम करती है। उनकी वेदना हमारे लिए प्रेरणा बन जाती है। आनन्द को इस व्यापक रूप में लें । उसे इन्द्रिय-जन्य सुख का पर्यायवाची ही न मान लें, हमें करुणा और वीभत्स के चित्रण में सौन्दर्य के अभाव की प्रतीति न होगी।  

  1. #साहित्य में वीभत्स का भी चित्रण सुन्दर होता है :

(1) वीभत्स को ही काव्यशास्त्र में प्रमुख रस माना गया है।

(2) #कला में असुन्दर और कुरूप का सौन्दर्य में रूपान्तरण होता है।

(3) कला वीभत्स से घृणा करना नहीं सिखाती।

(4) वीभत्स का चित्रण आकर्षक होता है।

ANS : (2) कला में असुन्दर और कुरूप का सौन्दर्य में रूपान्तरण होता है।

 

  1. इसमें से #कौन-सा कथन सही नहीं है ?

(1) वीर मनुष्य की पराजय आनन्द का मूल कारण है।

(2) दुःखान्त नाटकों में सहानुभूति के स्वजनों तक सीमित रहने से मानव-करुणा का प्रसार होता है।

(3) दुःखान्त नाटक दूसरों के दुःख से जुड़े होने के कारण हमारे दुःख का कारण नहीं बनते।

(4) प्रबुद्ध दर्शक और पाठक दुःख को एक सीमित भाव मानते हैं।

ANS : (2) दुःखान्त नाटकों में सहानुभूति के स्वजनों तक सीमित रहने से मानव-करुणा का प्रसार होता है।

 

  1. इसमें से रकौन-सा कथन सही नहीं है ?

(1) #वीर मनुष्यों की वेदना सामाजिक के लिए प्रेरणा बन जाती है।

(2) करुण रस के साहित्य में मनुष्य प्रायःविपरीत परिस्थितियों में संघर्षरत होता है।

(3) संघर्ष का औदात्य दुःख को सीमित करता है।

(4) दुःख में आनन्द की अनुपस्थिति होती है।

ANS : (4) दुःख में आनन्द की अनुपस्थिति होती है।

 

  1. #दुःखान्त नाटकों में सौन्दर्य की उपस्थिति का आधार क्या है ?

(1) उसमें कुरूप और असुन्दर को महत्व दिया जाता है।

(2) सभी दुःखान्त नाटक प्रायः महान होते हैं।

(3) दुःखान्त नाटकों में मानव-करुणा का प्रसार होता है।

(4) दुःखान्त नाटकों में नाटककार स्वानुभूति का चित्रण करता है।

ANS : (3) दुःखान्त नाटकों में मानव-करुणा का प्रसार होता है।

 

  1. #करुण रस के साहित्य में आनन्द निहित होता है, क्योंकि :

(1) आनन्द मात्र इन्द्रिय-जन्य सुख है।

(2) साहित्य में करुण रस अनिवार्य है।

(3) इस साहित्य के मूल में सहानुभूति की व्यापकता है।

(4) साहित्य में दुःख की निरपेक्ष स्थिति है।

ANS : (3) #इस साहित्य के मूल में सहानुभूति की व्यापकता है।

 

J-2018 Hindi-2

 

|  1 9 | 26 4 | 51 4 | 76 2 |

|  2 4 | 27 1 | 52 3 | 77 4 |

|  3 4 | 28 2 | 53 2 | 78 1 |

|  4 1 | 29 2 | 54 2 | 79 4 |

|  5 3 | 30 3 | 55 1 | 80 1 |

|  6 1 | 31 2 | 56 1 | 81 3 |

|  7 2 | 32 4 | 57 2 | 82 2 |

|  8 4 | 33 2 | 58 3 | 83 3 |

|  9 1 | 34 3 | 59 2 | 84 1 |

| 10 9 | 35 1 | 60 2 | 85 3 |

| 11 2 | 36 2 | 61 3 | 86 3 |

| 12 2 | 37 1 | 62 2 | 87 1 |

| 13 1 | 38 1 | 63 4 | 88 1 |

| 14 2 | 39 3 | 64 1 | 89 1 |

| 15 1 | 40 9 | 65 1 | 90 3 |

| 16 2 | 41 4 | 66 3 | 91 3 |

| 17 3 | 42 2 | 67 2 | 92 1 |

| 18 2 | 43 2 | 68 3 | 93 2 |

| 19 1 | 44 1 | 69 4 | 94 1 |

| 20 2 | 45 2 | 70 3 | 95 1 |

| 21 3 | 46 4 | 71 4 | 96 2 |

| 22 4 | 47 3 | 72 2 | 97 2 |

| 23 2 | 48 1 | 73 1 | 98 4 |

| 24 2 | 49 4 | 74 3 | 99 3 |

| 25 2 | 50 3 | 75 4 | 100 3 |