NTA UGC JUNE 2015, Hindi-2 : QUESTIONS & ANSWERS

NTA UGC JUNE 2015, Hindi-2 : QUESTIONS & ANSWERS

निर्देश : इस प्रश्नपत्र में पचास (50) बहु-विकल्पीय प्रश्न हैं। प्रत्येक प्रश्न के

 दो (2) अंक हैं। सभी प्रश्न अनिवयार्य हैं।

  1. महापंडित राहुल सांकृत्यायन ने हिंदी का पहला कवि किसे माना है :

(A) स्वयंभू (B) सरहपाद (C) पुष्पदंत (D) गोरखनाथ

ANS : (B) सरहपाद

  1. संदेशडउ सबित्थरउ पइ मइ कहणु न जाइ।

      जे कालांगुलि मूंदडऊ सो बाहडी समाइ।

      इन काव्य पंक्तियों के रचनाकेर हैं−

(A) विमलसूरि (B) अद्दहमाण (C) हेमचन्द्र (D) दामोदर भट्ट

ANS : (B) अद्दहमाण

  1. कबीर की अपेक्षा ख़ुसरो का ध्यान बोलचाल की भाषा की ओर अधिक था।किसका कथन है?

(A) जॉर्ज ग्रियरसन              (B) मिश्रबंधु

(C) आचार्य हज़ारी प्रसाद द्विवेदी   (D) रामचन्द्र शुक्ल

 ANS : (D) रामचन्द्र शुक्ल

  1. निम्नलिखित ग्रंथों में से किसके रचयिता तुलसीदास नहीं हैं?

(A) वैराग्य संदीपनी (B) कृष्ण गीतावली (C) हनुमच्चरित (D) पार्वती मंगल

ANS : (C) हनुमच्चरित

  1. जायसी पहले कवि हैंसूफ़ी बाद में”किसका कथन है?

(A) श्याम मनोहर पांडेय          (B) चन्द्रबली सिंह

(C)  विजयदेव नारायण साही      (D)  रामचन्द्र शुक्ल

ANS : (C)  विजयदेव नारायण साही

  1. जसोदा! कहा कहौं हौं बात ?

तुम्हारे सुत के करतब मो पै कहे नहिं जात। किसकी काव्य-पंक्तियाँ हैं?

(A) सूरदास (B) नंददास (C) कृष्णदास  (D) चतुर्भुजदास

ANS : (D) चतुर्भुजदास

  1. अधर-मधुरता कठिनता-कुच, तीक्षणता-त्यौर

रस-कवित्त-परिपक्वता जाने रसिक न औरयह किसका कथन है?

(A) चिंतामणि (B) भिखारीदास (C) जसवंत सिंह  (D) बेनी प्रवीन

ANS : (B) भिखारीदास 0

  1. निम्नलिखित में रीतिमुक्त कविता की विशेषता कौन-सी है?

(A) स्वच्छन्दता (B) सामाजिकता (C) निर्वैयक्तिता (D) ऐतिहासिकता

ANS : (A) स्वच्छन्दता

  1. ‘एकांत संगीत’ किसकी रचना है ?

(A) श्रीधर पाठक (B) हरिवंशराय बच्चन (C) कामेश्वर शुक्ल अंचल    (D) महादेवी वर्मा

ANS : (B) हरिवंशराय बच्चन

  1. दुखिनी बाला’ नाटक के लेखक हैं :

 (A) श्रीनिवासदास (B) राधाकृष्णदास (C) किशोरीलाल गोस्वानी (D) प्रतापनारायण मिश्र

ANS : (B) राधाकृष्णदास

  1. निम्नलिखित में से कौन-सा कहानी-संग्रह प्रेमचन्द का नहीं है :

 (A) प्रेमपचीसी (B) प्रेमद्वादसी (C) मुहब्बत की राहें (D) सप्त सरोज

ANS : (C) मुहब्बत की राहें

  1. निम्नलिखित में से कौन-सा कहानी-संग्रह रेणु का नहीं है :

(A) आदिम रात की महक   (B) अगिनख़ोर  (C) अच्छे आदमी (D) ग़रीबी हटाओ

ANS :       (D) ग़रीबी हटाओ

  1. मृणाल किस उपन्यास की प्रमुख पात्र है ?

 (A) निर्वासत (B) परख (C) त्यागपत्र (D) अंतराल

ANS : (C) त्यागपत्र

  1. बम्बई के मज़ददूर संगठनों के जीवन-संघर्ष पर आधारित उपन्यास है :

 (A)  आवाँ (B) समरांगन (C) अनित्य (D) अंतर्वंशी

ANS : (A)  आवाँ

  1. शिवशंभु के चिट्ठे’ के रचनाकार हैं :

(A) बालमुकुन्द गुप्त (B) श्यामसुंदरदास (C)  सरदारपूर्ण सिंह   (D) बालकृष्ण भट्ट

ANS : (A) बालमुकुन्द गुप्त

  1. इनमें से कौन ‘नागरी प्रचारिणी सभा’ के प्रथम सभापति थे ?

(A) बाबू श्याम सुंदरदास    (B) पंडित रामनारायण मिश्र

(C) बाबू राधाकृष्णदास     (D) बाबू गदाधर सिंह

ANS : (C) बाबू राधाकृष्णदास

  1. इनमें कौन-सा विराम चिह्न ऐसा है जो हिंदी में अंग्रेज़ी भाषा से नहीं लिया गया है?

 (A) , (B) ; (C) ? (D)

ANS : (D) ।

  1. प्रयत्न के आदार पर ‘ल’ किस प्रकार की ध्वनि है ?

 (A) पार्श्विक (B) उत्क्षिप्त (C) प्रकंपित (D) संघर्षहीन

ANS : (A) पार्श्विक

  1. निम्नलिखित में से कौन-सा शब्दालंकार नहीं है?

(A) श्लेष (B) वीप्सा (C) उपमा (D)  ??

ANS : (C) उपमा

  1. रस-सूत्र की व्याख्या करते हुए ‘अभिव्यक्तिवाद’ की स्थापना किस आचार्य ने की ?

 (A) भट्टनायक (B) श्री शंकुक (C)  भट्टलोल्लट (D) अभिनव गुप्त

ANS : (D) अभिनव गुप्त

  1. प्रकाशन वर्ष के अनुसार निम्नलिखित रचनाओं का सही अनुक्रम है :

(1) भरतेश्वर बाहुबली रास, श्रावकाचार, चंदनबाला रास, रेवंतगिरिरास

(2) रेवंतगिरिरास, श्रावकाचार, भरतेश्वर बाहुबली रास, चंदनबाला रास

(3) चंदनबाला रास, भरतेश्वर बाहुबली रास, रेवंतगिरिरास, श्रावकाचार

(4) श्रावकाचार, भरतेश्वर बाहुबली रास, चंदनबाला रास, रेवंतगिरिरास

ANS : (4) श्रावकाचार, भरतेश्वर बाहुबली रास, चंदनबाला रास, रेवंतगिरिरास

  1. अलंकार संप्रदाय से सम्बद्ध अलंकार ग्रंथों का सही कालानुक्रम है :

 (1) अलंकार सर्वस्व, अलंकार कौस्तुभ, काव्यालंकार सार संग्रह, काव्यालंकार

(2) काव्यालंकार, अलंकार सर्वस्व, काव्यालंकार सार संग्रह, अलंकार कौस्तुभ

(3) काव्यालंकार सार संग्रह, काव्यालंकार, अलंकार सर्वस्व, अलंकार कौस्तुभ

(4) काव्यालंकार, काव्यालंकार सार संग्रह, अलंकार सर्वस्व, अलंकार कौस्तुभ

ANS : (4) काव्यालंकार, काव्यालंकार सार संग्रह, अलंकार सर्वस्व, अलंकार कौस्तुभ

 

  1. जन्मकाल के अनुसार निम्नलिखित पाश्चात्य आलोचकों का सही कालानुक्रम है :

 (1) कॉलरिज, मैथ्यू ऑर्नाल्ड, क्रोचे, जॉन ड्राइडन

(2) मैथ्यू ऑर्नाल्ड, क्रोचे, कॉलरिज, जॉन ड्राइडन

(3) क्रोचे, कॉलरिज, जॉन ड्राइडन, मैथ्यू ऑर्नाल्ड

(4) जॉन ड्राइडन, कॉलरिज, मैथ्यू ऑर्नाल्ड, क्रोचे

ANS : (4) जॉन ड्राइडन, कॉलरिज, मैथ्यू ऑर्नाल्ड, क्रोचे

  1. प्रकाशन वर्ष की दृष्टि से निम्नलिखित उपन्यासों का सही अनुक्रम है :

 (1) घराऊ घटना, स्वतंत्र रमा और परतंत्र लक्ष्मी, अद्भुत् प्रायश्चित, अंगुठी का नगीना

(2) स्वतंत्र रमा और परतंत्र लक्ष्मी, अद्भुत् प्रायश्चित, अंगुठी का नगीना, घराऊ घटना

(3) अद्भुत् प्रायश्चित, अंगुठी का नगीना, घराऊ घटना, स्वतंत्र रमा और परतंत्र लक्ष्मी

(4) अंगुठी का नगीना, घराऊ घटना, स्वतंत्र रमा और परतंत्र लक्ष्मी, अद्भुत् प्रायश्चित

ANS : (1) घराऊ घटना, स्वतंत्र रमा और परतंत्र लक्ष्मी, अद्भुत् प्रायश्चित, अंगुठी का नगीना

  1. प्रकाशन वर्ष के अनुसार निम्नलिखित आत्मकथाओं का सही अनुक्रम है :

(1) अपने अपने पिंजरे, जूठन, मूर्दहिया, शिकंजे का दर्द

(2) जूठन, मूर्दहिया, शिकंजे का दर्द, अपने अपने पिंजरे

(3) मूर्दहिया, शिकंजे का दर्द, अपने अपने पिंजरे, जूठन

(4) शिकंजे का दर्द, अपने अपने पिंजरे, जूठन, मूर्दहिया

ANS : (1) अपने अपने पिंजरे, जूठन, मूर्दहिया, शिकंजे का दर्द

  1. प्रकाशन वर्ष के अनुसार फणीश्वरनाथ रेणु के उपन्यासों का सही अनुक्रम है :

 (1) मैला आँचल, परती परिकथा, दीर्घतपा, जुलूस

(2) परती परिकथा, दीर्घतपा, जुलूस, मैला आँचल 

(3) मैला आँचल, परती परिकथा, दीर्घतपा, जुलूस

(4) परती परिकथा, मैला आँचल, दीर्घतपा, जुलूस

ANS : (1) मैला आँचल, परती परिकथा, दीर्घतपा, जुलूस

  1. प्रकाशन वर्ष के अनुसार निम्नलिखित कहानी-संग्रहों का सही अनुक्रम है :

 (1) सतमी के बच्चे, फाँसी, बिखरे मोती, दो बाँके

(2) सतमी के बच्चे, दो बाँके, बिखरे मोती, फाँसी

(3) दो बाँके, सतमी के बच्चे, बिखरे मोती, फाँसी

(4) फाँसी, बिखरे मोती, सतमी के बच्चे, दो बाँके

ANS : (4) फाँसी, बिखरे मोती, सतमी के बच्चे, दो बाँके

  1. जन्मकाल के अनुसार निम्नलिखित कवियों का सही अनुक्रम है :

 (A) सोहनलाल द्विवेदी, श्यामनारायण पाण्डेय, रामधारी सिंह दिनकर, सियारामशरण गुप्त

(B) श्यामनारायण पाण्डेय, सोहनलाल द्विवेदी, रामधारी सिंह दिनकर, सियारामशरण गुप्त

(C) सियारामशरण गुप्त, सोहनलाल द्विवेदी, श्यामनारायण पाण्डेय, रामधारी सिंह दिनकर

(D) रामधारी सिंह दिनकर, सियारामशरण गुप्त, सोहनलाल द्विवेदी, श्यामनारायण पाण्डेय

ANS : (C) सियारामशरण गुप्त, सोहनलाल द्विवेदी, श्यामनारायण पाण्डेय, रामधारी सिंह दिनकर

  1. निम्नलिखित दैनंदिनियों (डायरियों) का सही कालानुक्रम है :

 (A) मेरी कॉलिज डायरी, प्रवास की डायरी, दैनंदिनी, डायरी के कुछ पन्ने

(B) प्रवास की डायरी, दैनंदिनी, डायरी के कुछ पन्ने, मेरी कॉलिज डायरी

(C) दैनंदिनी, डायरी के कुछ पन्ने, मेरी कॉलिज डायरी, प्रवास की डायरी

(D) डायरी के कुछ पन्ने, मेरी कॉलिज डायरी, प्रवास की डायरी, दैनंदिनी

ANS : (C) दैनंदिनी, डायरी के कुछ पन्ने, मेरी कॉलिज डायरी, प्रवास की डायरी

  1. प्रकाशन वर्ष के अनुसार निम्नलिखित पत्र-पत्रिकाओं का सही अनुक्रम है :

(A) हरिश्चंद्र मैगज़ीन, आनंद कादंबिनी, नागरी प्रचारिणी पत्रिका, सरस्वती

(B)  आनंद कादंबिनी, नागरी प्रचारिणी पत्रिका, सरस्वती, हरिश्चंद्र मैगज़ीन

(C) नागरी प्रचारिणी पत्रिका, आनंद कादंबिनी, हरिश्चंद्र मैगज़ीन, सरस्वती

(D) सरस्वती, हरिश्चंद्र मैगज़ीन, नागरी प्रचारिणी पत्रिका, आनंद कादंबिनी

ANS : (A) हरिश्चंद्र मैगज़ीन, आनंद कादंबिनी, नागरी प्रचारिणी पत्रिका, सरस्वती

  1. निम्नलिखित रचनाओं को उनके रचनाकारों के साथ सुमेलित कीजिए :

सूची-I                   सूची-II                  

(A) जयमयंक जसचंद्रिका   (i)  देवसेन

(B) पृथवीराज रासो        (ii) मधुकर कवि

(C) श्रावकाचार                  (iii) सुमति मणि

(D) नेमिनाथ रास         (iv)   चंदरबरदाई (v) पुष्पदंत 

कोड :

(A)   (b)   (c)   (d)

(1)   (v)   (ii)    (iii)   (iv)

(2)   (ii)    (iv)   (i)    (iii)

(3)   (i)    (iii)   (iv)   (ii)

(4)   (iv)   (v)   (i)    (ii)

ANS : (2)   (ii)    (iv)   (i)    (iii)

 

  1. निम्नलिखित ग्रंथों को उनके लेखकों के साथ सुमेलित कीजिए :

सूची-I             सूची-II

(A)   साहित्य लहरी       (i) रसखान

(B)   प्रेम वाटिका         (ii) सूरदास

(C)   रसमंजरी           (iii) हितहरिवंश

(D)   भक्त नामावली      (iv) नंददास (v) ध्रुवदास

कोड :

(A)   (b)   (c)   (d)

(1)   (ii)    (i)    (iv)   (v)

(2)   (iv)   (iii)   (ii)    (i)

(3)   (iii)   (iv)   (v)   (ii)

(4)   (ii)    (v)   (i)    (iii)

ANS : (1)   (ii)    (i)    (iv)   (v)

  1. निम्नलिखित कवियों को उनकी रचनाओं के साथ सुमेलित कीजिए :

सूची-I             सूची-II             :

(A)   आलम       (i) सुजानहित प्रबंध

(B)   घनानंद      (ii) श्रृंगारलतिका सौरभ

(C)   ठाकुर        (iii) माधवानल कामकंदला

 (D)  द्विजदेव     (iv) ठाकुर ठसक (v) इश्कनामा

कोड :

(A)   (b)   (c)   (d)

(1)   (i)    (ii)    (iii)   (iv)

(2)   (ii)    (v)   (i)    (iii)

(3)   (iii)   (i)    (iv)   (ii)

(4)   (iv)   (iii)   (v)   (i)

ANS : (3)   (iii)   (i)    (iv)   (ii)

  1. निम्नलिखित रचनाओं को उनके रचनाकारओं के साथ सुमेलित कीजिए :

सूची-I                   सूची-II

(A)   एक पतंग अनंत में  (i) शमशेर बहादुर सिंह

(B)   यहाँ से देखो        (ii) कुंवर नारायण

(C)   बात बोलेगी         (iii) अशोक वाजपेयी

(D)   आत्मजयी          (iv) श्रीकांत वर्मा   (v) केदारनाथ सिंह

कोड :

(A)   (b)   (c)   (d)

(1)   (ii)    (iii)   (v)   (i)

(2)   (i)    (ii)    (iii)   (iv)

(3)   (v)   (vi)   (iii)   (ii)

(d)   (iii)   (v)   (i)    (ii)

ANS : (d)  (iii)   (v)   (i)    (ii)

  1. निम्नलिखित रचनाओं को उनके रचनाकारओं के साथ सुमेलित कीजिए :

सूची-I                   सूची-II

(A)   सूखी डाली          (i) रामकुमार वर्मा

(b)   कारवाँ             (ii) जयशंकर प्रसाद

(c)   बादल की मृत्यु      (iii) उपेन्द्रऩाथ अश्क

(d)   एक घूँट            (iv) विष्णुनागर (v) भुवनेश्वर

कोड :

(A)   (b)   (c)   (d)

(1)   (iv)   (i)    (ii)    (v)

(2)   (i)    (ii)    (iv)   (iii)

(3)   (ii)    (v)   (i)    (ii)

(d)   (ii)    (iv)   (iii)   (i)

ANS : (3)   (ii)    (v)   (i)    (ii)

  1. निम्नलिखित रचनाओं को उनके रचनाकारों के साथ सुमेलित कीजिए :

सूची-I                   सूची-II

(A) मेरी आत्मकहानी       (i) रामवृक्ष बेनीपुरी

(B) स्मृति की रेखाएँ       (ii) शिवनन्दन सहाय

(C) माटी की मूरतें        (iii) शयाम सुन्दर दास

(D) हरिशचन्द्र            (iv) महादेवी वर्मा    (v) कन्हैयालाल मिश्र प्रभाकर

कूट :

a     b     c     d

(1)   ii     iv    iii     v

(2)   iii     iv    i      ii

(3)   ii     iii     v     i

(4)   v     iv    ii     iii’

ANS : (2)   iii     iv    i      ii

  1. निम्नलिखित लेखिकाओं को उनकी रचनाओं के साथ सुमेलित कीजिए :

सूची-I                   सूची-II

(A) ममता कालिया        (i) एक ज़मीन अपनी

(B) नासिरा शर्मा          (ii) शेष कादम्बरी

(C) चित्र मुदगल          (iii) एक पत्नी के नोट्स

(D) अलका सरावगी        (iv) एक पति के नोट्स (v) ज़िन्दा मुहावरे

कोड :

a     b     c     d

(1)   (iii)   (v)   (i)    (ii)

(2)   (ii)    (iii)   (v)   (iv)

(3)   (v)   (ii)    (iii)   (iv)

(4)   (iii)   (iv)   (ii)    (v)

ANS : (1)   (iii)   (v)   (i)    (ii)

  1. निम्नलिखित काव्य शास्त्रीय कृतियों को उनके आचार्यों के साथ सुमेलित कीजिए :

सूची-I                   सूची-II

(A)   औचित्य विचार चर्चा (i)    आनन्द वर्धन

(B)   ध्वन्यालोक         (ii)    भट्ट नायक

(C)   श्रृंगार प्रकाश        (iii)   भोजराज

(D)   काव्य मीमांसा       (iv)   राजशेखर     (v) क्षेमेन्द्र

कोड :

      a     b     c     d

(1)   (v)   (i)    (iii)   (iv)

(2)   (i)    (iii)   (iv)   (v)

(3)   (iii)   (iv)   (v)   (ii)

(4)   (v)   (iv)   (i)    (ii)

ANS :      (1)   (v)   (i)    (iii)   (iv)

  1. निम्नलिखित आलोचना ग्रंथों को उनके आलोचकों के साथ सुमेलित कीजिए :

सूची-I                         सूची-II

(A)   हिन्दी साहित्य के अस्सी वर्ष (i) रमेशचन्द्र शाह

(B)   शब्द और मनुष्य          (ii) विश्वनाथ त्रिपाठी

(C)   अज्ञेय : वागर्थ वैभव       (iii) निर्मल वर्मा

(D)   लोकवादी तुलसीदास        (iv) शिवदान सिंह चौहान (v) परमानन्द श्रीवास्तव

कोड :

      a     b     c     d

(1)   (i)    (iii)   (iv)   (v)

(2)   (ii)    (iv)   (i)    (iii)

(3)   (iv)   (v)   (i)    (ii)

(4)   (iv)   (i)    (ii)    (iii)

ANS : (3)   (iv)   (v)   (i)    (ii)

 

  1. निम्नलिखित नाटककारों को उनके नाटकों के साथ सुमेलित कीजिए :

सूची-I                   सूची-II

(A)   हरिकृष्ण प्रेमी       (i) अंगूर की बेटी

(B)   गोविन्द वल्लभ पोत  (ii) संन्यासी

(C)   लक्ष्मी नारायण लाल (iii) अशोक

(D)   चन्द्रगुप्त विद्यालंकार (iv) ऱक्षा बन्धन (v) कर्तव्य

कोड :

      a     b     c     d

(1)   (iv)   (v)   (ii)    (iii)

(2)   (iv)   (i)    (ii)    (iii)

(3)   (ii)    (iii)   (v)   (i)

(4)   (iii)   (i)    (iv)   (v)

ANS : (2)   (iv)   (i)    (ii)    (iii)

निर्देश  : 41 से 45 प्रशनों में दो कथन दिए गए हैं। इनमें से एक स्थापना (A) है और दूसरा तर्क (R) है। कोड में दिए विकल्पों में से सही विकल्प का चयन कीजिए।

  1. स्थापना (Assertion) (A) : मनुष्य को कर्म में प्रवृत्त करने वाली मूल प्रवृत्ति भावात्मिका है। केवल तर्कबुद्धि या विवेचना के बल से हम किसी कार्य में प्रवृत्त नहीं नहीं होते।

तर्क (Reason) (R) : क्योंकि जहाँ जटिल बुद्धि-व्यापार के अनन्तर किसी कर्म का अनुष्ठान देखा जाता है वहाँ भी कोई भाव या वासना छिपी रहती है।।

(1)  (A) ग़लत (R) ग़लत

(2) (A) ग़लत (R) सही

(3) (A) सही (R) सही

(4) (A) सही (R) ग़लत

ANS : (3) (A) सही (R) सही

  1. स्थापना (Assertion) (A) : अभिव्यंजनावादियों के अनुसार कवि या कलाकार अपने अन्तर की भावना को बाहर प्रकाशित करता है, बाह्य वस्तु को नहीं। ।

तर्क (Reason) (R) : क्योंकि अभिव्यंजनावादी अन्तर की भावना की जगह बाह्य वस्तु को अधिक महत्व देता है।

(1)  (A) सही (R) ग़लत

(2) (A) ग़लत (R) सही

(3) (A) सही (R) सही

(4) (A) ग़लत (R) ग़लत

ANS : (1)  (A) सही (R) ग़लत

  1. स्थापना (Assertion) (A) : मन को अनुरंजित करना, उसे सुख या आनन्द पहुँचाना ही कविता का अन्तिम लक्ष्य मानना चाहिए। ।

तर्क (Reason) (R) : क्योंकि कविता मनोविलास की सामग्री है जिससे सहृदय पाठक अपनी कुंठाओं से मुक्त होता है। इसे ही हृदय की मुक्तावस्था कहते हैं।

(1)  (A) सही (R) सही

(2) (A) ग़लत (R) सही

(3) (A) और (R) दोनों ग़लत

(4) (A) सही और  (R)  ग़लत

ANS : (3) (A) और (R) दोनों ग़लत

  1. स्थापना (Assertion) (A) : फ्राड के अनुसार कला और धर्म, दोनों का उद्भव अचेतन मानस की संचित प्रेरणाओं और इच्छाओं में ही होता है। इस कामशक्ति के उन्नयन के फलस्व:प कलाकार सर्जन करता है।

तर्क (Reason) (R) : क्योंकि अचेतन मानस  में कामशक्ति के उन्नयन के फलस्व:प कलाकार सर्जन करता है।

(1)  (A) और (R) दोनों सही

(2)  (A) सही और (R) ग़लत

(3)    (A) और (R) दोनों ग़लत

(4)    (A) ग़लत और (R) सही

ANS : (2)  (A) सही और (R) ग़लत

  1. स्थापना (Assertion) (A) : काव्य का जो चरम लक्ष्य सर्वभूत को आत्मभूत करके अनुभव कराना है, उसके साधन में भी अहंकार का त्याग आवश्यक है।

तर्क (Reason) (R) : क्योंकि जब तक अहंकार से पीछा न छूटेगा तब तक प्रकृति के सब रूप मनुष्य की अनुभूति के भीतर नहीं आ सकते।

(1) (A) सही और (R) ग़लत

(2) (A) ग़लत और (R) सही

(3) (A) सही और (R) सही

(4)     (A) ग़लत और (R) ग़लत

ANS : (3) (A) सही और (R) सही

निर्देश : निम्नलिखित अवतरण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उससे सम्बन्धित प्रश्नों (46 से 50 तक) के दिए गए बहुविकलपों में से सही विकल्प का चयन कीजिए :

कविता ही मनुष्य के हृदय को स्वार्थ-संबंधों के संकुचित मंडल से ऊपर उठाकर लोक-सामान्य भावभूमि पर ले जाती है, जहाँ जगत् की नाना गतियों के मार्मिक स्व:प का साक्षात्कार और शुद्ध अनुभूतियों का संचार होता है, इस भूमि पर पहुँचे हुए मनुष्य को कुछ काल के लिए अपना पता नहीं रहता। वह अपनी सत्ता को लोकसत्ता में लीन किए रहता है। उसकी अनुभूति सबकी अनुभूति होती है या हो सकती है। इस अनुभूति-योग के अभ्यास से हमारे मनोविकार का परिष्कार तथा शेष सृष्टि के साथ हमारे रागात्मक संबंध की रक्षा और निर्वाह होता है। जिस प्रकार जगत् अनेक :पात्मक है, उसी प्रकार हमारा हृदय भी अनेक भावात्क है। इन अनेक भावों का व्यायाम और परिष्कार तभी समझा जा सकता है जबकि इनका प्रकृत सामंजस्य जगत् के भिन्न-भिन्न :पों, व्यापारों या तथ्यों के साथ हो जाय। इन्हीं भावों के सूत्र से मनुष्य जाति जगत् के साथ तादात्म्य का अनुभव चिरकाल से करती चली आई है।

  1. भावों का व्यायाम और परिष्कार कब संभव है?

(1)   भावों का स्वाभाविक संबंध मानव-जगत् से स्थापित होने पर।         

(2)   भावों का स्वाभाविक संबंध प्रकृति-जगत् से स्थापित होने पर।

(3)   भावों का स्वाभाविक संबंध मानवेतर-जगत् से स्थापित होने पर।

(4)   भावों का स्वाभाविक संबंध विश्व के विविध :पों-व्यापारों के साथ स्थापित होने पर।

ANS : (4)   भावों का स्वाभाविक संबंध विश्व के विविध :पों-व्यापारों के साथ स्थापित होने पर।

  1. अनेक रूपात्मक जगत् की तरह हमारा हृदय अनेक भावात्मक है, क्योंकि :

(1)   जगत् की सत्ता से हमारे हृदय की सत्ता निरपेक्ष है।

(2)   अनेक रूपात्मक जगत् की आन्तरिक अभिव्यक्ति हमारे हृदय द्वारा संभव है।

(3)   अनेक भावात्मक हृदय कारण है और जगत् उसकी अभिव्यक्ति। 

(4)   अनेकरूपात्मक जगत् और हमारे हृदय में प्रस्तुत-अप्रस्तुत संबंध है।

ANS : (2)   अनेक रूपात्मक जगत् की आन्तरिक अभिव्यक्ति हमारे हृदय द्वारा संभव है।

  1. मनुष्य जाति जगत् के साथ तादात्म्य का अनुभव किसके द्वारा करती रही है?

(1)   बुद्धि के सामंजस्य के कारण।

(2)   मन के सामंजस्य के कारण।

(3)   अहंकार के सामंजस्य के कारण।

(4)   हृदय के सामंजस्य के कारण।

ANS : (4) हृदय के सामंजस्य के कारण।

  1. शुद्ध अनुभूतियों का संचार कब होता है?

(1)   लोक सामान्य की भावभूमि से हृदय को मिलाने से।

(2)   लोक सामान्य की भावभूमि से हृदय को मुक्त करने से।

(3)   हृदय को लोकजगत् में सिर्फ़ मनुष्य जगत् से संबंद्ध रखने से।

(4)   हृदय को लोकजगत् में सिर्फ़ चेतन जगत् से संबंद्ध रखने से।

ANS : (1)   लोक सामान्य की भावभूमि से हृदय को मिलाने से।

  1. हमारे मनोविकार का परिष्कार किस दशा में संभव है?

(1)   लोकसत्ता से अपनी सत्ता को विशिष्ट समझते रहने से।

(2)   लोकसत्ता से अपनी सत्ता को निरर्थक समझते रहने से।

(3)   लोकसत्ता के सामने अपनी सत्ता का समर्पण कर देने के अभ्यास से।

(4)   लोकसत्ता के सामने अपनी सत्ता को तुच्छ मानकर अलग रखने से।

ANS : (3)   लोकसत्ता के सामने अपनी सत्ता का समर्पण कर देने के अभ्यास से।