गोस्वामी तुलसीदास पर पूछे गए वस्तुनिष्ठ प्रश्न

तुलसीदास पर पूछे गए वस्तुनिष्ठ प्रश्न

1. #तुलसीदास की किस रचना का संबंध ज्योतिष से है?
(A) रामलला नहछू (B) जानकी मंगल (C) हनुमान-बाहुक (D) रामाज्ञा प्रश्न

2. ‘#कृष्ण गीतावली’ किसकी रचना है?
(A) मीराबाई (B) रसखान (C) सूरदास।        (D) तुलसीदास

3. #तुलसीकृत कृष्ण-काव्य कौन-सा है?
(A) कृष्णायन (B) कृष्ण चरित (C) कृष्ण चन्द्रिका (D) कृष्ण गीतावली

4. ‘#बरवै रामायण’ किसकी रचना है?
(A) सूरदास (B) तुलसीदास (C) नन्ददास (D) केशवदास

5. #गोस्वामी तुलसीदास की #अंतिम रचना कौन-सी है?
(A) विनयपत्रिका (B) दोहावली (C) कवितावली (D) हनुमानबाहुक

6. #इनमें से कौन-सी रचना तुलसीदास की है?
(A) रामाध्यान मंजरी (B) रामसतसई (C) कृष्ण गीतावली (D) श्रीरामार्चन पद्धति

7. #गोस्वामी तुलसीदास की रचना ‘कवितावली’ किस भाषा की रचना है?
(A) अवधी (B) ब्रजभाषा (C) बुन्देली            (D) मैथिली

8. ‘#रामाज्ञा प्रश्नावली’ किसकी रचना है?
(A) नाभादास (B) अग्रदास (C) तुलसीदास (D) हृदयदास

9. #तुलसीदास की किस रचना में सन्तों महन्तों के गुण वर्णित हैं :
(A) वैराग्य सन्दीपनी (B) रामाज्ञा प्रश्न (C) पार्वती मंगल (D) जानकी मंगल

10. #तुलसीदास के गुरु थे :
(A) नरहर्यानन्द (B) रामानन्द (C) रामानुजाचार्य (D) शंकराचार्य

11. #निम्नलिखित में से कौन-सा ग्रंथ तुलसीदास का नहीं है?
(1) गीतावली (2) रामचन्द्रिका (3) विनयपत्रिका (4) दोहावली

12. #इनमें से कौन-सी रचना अवधी में नहीं है?
(1) पद्मावत (2) मधुमालती (3) कवितावली (4) नूर जवाहर

13. #राम और सीता के विवाह के अवसर पर किस कवि ने मिथिला की स्त्रियों से गारी गीत गवाया है ?
(1) तुलसीदास (2) अग्रदास (3) प्राणचल्द चौहान (4) केशवदास

14. #कौन-सा युग्म संगत है?
(1) साहित्य लहरी ౼पद्माकर (2) लोकायतन ౼ निराला (3) एक कंठ विषपायी ౼नागार्जुन (4) वैराग्य संदीपनी ౼तुलसीदास

15. ‘#कलि कुटिल जीव निस्तार हित वाल्मीकि तुलसी भयो’ कथन है :
(A) रामचरणदास (B) नाभादास (C) रघुवरदास (D) हरिराम व्यास

16. ‘#खेती न किसान को, भिखारी को न भीख बलि,
बनिक को न बनिज न चाकर को चाकरी’ पंक्ति तुलसी की किस कृति स संबद्ध है?
(A) रामचरित मानस (B) कवितावली (C) विनयपत्रिका (D) गीतावली

17. ‘#मांगि के खैबो मसीत के सोइबो लैबो को एक न दैबो को दोक’ पंक्ति का संबंध तुलसीदास की किस रचना से है?
(A) रामचरितमानस (B) विनयपत्रिका (C) गीतावली (D) कवितावली

18. ‘#अब लौं नसानी अब न नसै हों’ ౼किसकी उक्ति है ?
(A) तुलसीदास (B) सूरदीस (C) मीराबाई (D) कबीरदास

19. ˚’#अब लौं नसानी अब न नसै हों’ तुलसीदास की किस किताब से है ?
(A) विनयपत्रिका (B) रामचरितमानस (C) वैराग्य संदीपनी (D) दोहावली

20. ‘#साखी सबदी दोहरा कहि कहनी उपखान।
भगति निसृपहिं अधम कवि निंदहिं वेद पुरान।।’ ౼किस कवि की पंक्तियां हैं?
(A) कबीरदास (B) भिखारीदास (C) तुलसीदास (D) सूरदास

21. ‘#गोरख भगायो जोग, भगति भगायो लोग।’ ౼यह काव्य-पंक्ति किसकी है?
(A) गोरखनाथ (B) कबीरदास (C) तुलसीदास (D) जायसी

22. ‘#गिरा अरथ, जल बीचि सम कहियत भिन्न भिन्न।
बंदौं सीताराम पद जिनहि परम परम प्रिय खिन्न।’
उक्त काब्य पंक्तियाँ किस कवि की है ?
(1) केशवदास (2) तुलसीदास (3) ईश्वरदास (4) नागरीदास

23. ‘#९केशव कहि न जाइए का कहिए।
देखत तब रचना समुझि मन हि मन रहिए।।’
౼किस कवि की पंक्तियां हैं ?
(1) केशवदास (2) तुलसीदास (3) सूरदास (4) नागरीदास

24. ‘#मैं नारि अपावन प्रभु जग पावन रावन रिपु जग सुखदाई। राजीव विलोचन भव भय मोचन पाहि.पाहि सरनहिं आई।।’
रामचरित मानस की उक्त चौपाई में व्यक्त विचार किस पात्र के हैं :
(A) अहल्या (B) शबरी (C) तारा (D) मंदोदरी

25. ‘#श्रुति सम्मत हरिभक्ति पथ संजुत विरति विवेक’ ౼यह काव्य-पंक्ति तुलसीदास की किस रचना से है ?
(A) रामचरितमानस (B) कवितावली (C) विनयपत्रिका (D) गीतीवली

26. ‘#कर्मठ कठमलिया कहे ज्ञानी ज्ञान-विहीन
तुलसी त्रिपथ बिहाय गो राम दुआरे दीन’ में त्रिपथ का अर्थ है :
(A) निर्गुण, सगुण और मुक्ति मार्ग (B) उत्तम मार्ग, मध्यम मार्ग और निम्नमार्ग
(C) द्वैत, अद्वैत और द्वैताद्वैत (D) कर्म मार्ग, ज्ञान मार्ग और उपासना मार्ग

27. ‘#सर्वव्यापी एक कुम्हारा, जाकी महिमा आर न पारा।।
हिन्दू तुरुक का एकै कर्ता, एकै ब्रह्म सबन का भर्ता।।’
के रचनाकार हैं :
(A) कबीरदास (B) मलूकदास (C) तुलसीदास (D) रहीमदासजी

28. #रचनाकाल की दृष्टि से निम्नलिखित रचनाओं का सही अनुक्रम बताइए :
(A) कृष्णायन, कीर्तिपताका, रामचरित मानस, रामचन्द्रिका
(B) कीर्तिपताका, रामचरित मानस, रामचन्द्रिका, कृष्णायन
(C) रामचरित मानस, रामचन्द्रिका, कृष्णायन, कीर्तिपताका
(D) रामचन्द्रिका, रामचरित मानस, कीर्तिपताका, कृष्णायन

29. #निम्नलिखित रचनाओं का कालक्रमानुसार सही अनुक्रम बताइए :
(A) रामचन्द्रिका, रामचरितमानस, वैदेही वनवास, राम की शक्तिपूजा
(B) राम की शक्तिपूजा, रामचरित मानस, रामचन्द्रिका, वैदेही वनवास
(C) रामचरितमानस, रामचन्द्रिका, वैदेही वनवास, राम की शक्तिपूजा
(D) रामचन्द्रिका, रामचरितमानस, राम की शक्तिपूजा, वैदेही वनवास

30. #रचनाकाल की दृश्टि से निम्नलिखित रचनाओं का सही अनुक्रम बताइए :
(A) कीर्तिलता, रामचरितमानस, रसराज, प्रियप्रवास
(B) कीर्तिलता, रामचरितमानस, प्रियप्रवास, रसराज
(C) रामचरितमानस, प्रियप्रवास, रसराज, कीर्तिलता
(D) प्रियप्रवास, रामचरितमानस, कीर्तिलता, रसराज

31. #इन कवियों का कालक्रमानुसार आरोही क्रम में व्यवस्थित कीजिए :
(A) तुलसीदास, ईश्वरदास, नाभादास, केशवदास
(B) ईश्वरदास, तुलसीदास, केशवदास, नाभादास
(C) केशवदास, तुलसीदास, ईश्वरदास, नाभादास
(D) नाभादास, केशवदास, तुलसीदास, ईश्वरदास
(B) ईश्वरदास (1480-1550 ई.), तुलसीदास (1532-1623 ई.),
केशवदास (1555 ई.-1617 ई.), नाभादास (1570-1650)

32. #’रामचरितमानस’ के काण्डों का सही अनुक्रम है :
(A) अरण्यकाण्ड, किष्किंधाकाण्ड, अयोध्याकोणड, बालकाण्ड
(B) बालकाण्ड, अयोध्याकोणड, अरण्यकाण्ड, किष्किंधाकाण्ड
(C) किष्किंधाकाण्ड, अयोध्याकोणड, बालकाण्ड, अरण्यकाण्ड
(D) अरण्यकाण्ड, किष्किंधाकाण्ड, बालकाण्ड, अयोध्याकोणड
(रामचरित मानस के काण्ड क्रमानुसार ये हैं :
बालकाण्ड, अयोध्याकाण्ड, अरण्यकाण्ड, किष्किंधाकाण्ड, सुन्दरकाण्ड, लंकाकाण्ड और उत्तरकाण्ड
बालक अयोध्या ने अरण्य में किष्किन्धा को सुन्दर लंका की उत्तर-कथा सुनाई।)

33. #रामचरितमानस के काण्डों का सही अनुक्रम है :
(A) बालकाण्ड, अयोध्याकोणड, उत्तरकाण्ड, अरण्यकाण्ड
(B) बालकाण्ड, अयोध्याकोणड, अरण्यकाण्ड, उत्तरकाण्ड
(C) उत्तरकाण्ड, अयोध्याकोणड, बालकाण्ड, अरण्यकाण्ड
(D) अरण्यकाण्ड, उत्तरकाण्ड, बालकाण्ड, अयोध्याकोणड

34. #निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए :
(A) रामचरित मानस (i) लालादास
(B) रामचन्द्रिका (ii) तुलसीदास
(C) अवध विलास (iii) ईश्वरदास
(D) भरत मिलाप (iv) केशवदास
कूट :
a b c d
(A) (iv) (iii) (ii) (i)
(B) (ii) (iii) (iv) (i)
(C) (ii) (iv) (i) (iii)
(D) (iii) (iv) (i) (ii)

35. #निम्नलिखित कवियों को उनकी पंक्तियों के साथ सुमेलित कीजिए :
(A) केशव कहि न जाइए का कहिए। (i) सूर
(B) अविगति कछु कहत न आवै। (ii) कबीर
(C) राम भगति अनियारे तीर (iii) जायसी
(D) जोरी लाइ रकत कै लेई (iv) तुलसी (v) मीरा
कूट :
a b c d
(A) (iv) (i) (ii) (iii)
(B) (iv) (ii) (i) (v)
(C) (v) (iii) (ii) (iv)
(D) (i) (iv) (v) (iii)

36. #निम्नलिखित काव्य-पंक्तियों को उनके कवियों के साथ सुमेलित कीजिए :
(A) हौं सब कबिन्ह केर पछिलगा (i) कबीरदास
(B) कबित्त विवेक एक नहिं मोरे (ii) जायसी
(C) प्रभुजी, हौं पतितन को टीको (iii) मलूकदास
(D) अब तो अजपा जपु मन मेरे।
सूर नर असुर टहलुआ जाके मुनि गंध्रब हैं जाके चेरे (iv) तुलसीदास (v) सूरदास
कूट :
a b c d
(A) (ii) (iv) (v) (iii)
(B) (iv) (ii) (i) (v)
(C) (v) (iii) (ii) (iv)
(D) (i) (iv) (v) (iii)

37. #निम्नलिखित काव्य-पंक्तियों को उनके रचनाकारों के साथ सुमेलित कीजिए :
सूची-1 सूची-2
(A) जेहि पंखी के नियर होईए करै बिरह की बात। सोई पंखी जाई जरिए तरिवर होई निपात (i) तुलसीदास
(B) हमको सपनेहू में सोच जा दिन तें बिछुरे नन्दनन्दन ता दिन ते यह पोच। (ii) नंददास
(C) जब जीवन को है कपि आस न कोय। कनगुरिया की मुदरी कंगना होय (iii) सूरदास
(D) जिभिया ऐसी बावरी कहि गई सरगताल आपुहिं कहि भीतर रही जूती खात कपाल। (iv) जायसी (v) रहीम
कोड :
a b c d
(A) (iv) (iii) (i) (v)
(B) (v) (iv) (ii) (i)
(C) (iii) (v) (iv) (ii)
(D) (ii) (i) (iii) (iv)

38. #पंक्तियों के साथ कवियों का सुमेलन कीजिए :
(A) सेस महेस गनेस दिनेस (i) सूरदास
(B) मन लेत पै देत छटांक नहीं (ii) तुलसीदास
(C) जैसे उड़ि जहाज को पंछी (iii) घनानन्द
(D) गिरा अनयन नयन बिनु बानी (iv) रसखान (v) केशवदास
कूट :
a b c d
(A) (i) (ii) (iv) (iii)
(B) (iv) (iii) (i) (ii)
(C) (iv) (v) (ii) (i)
(D) (iii) (iv) (i) (v)

39. #निम्नलिखित काव्य-पंक्तियों को उनके कवियों के साथ सुमेलित कीजिए :
(A) जात पात पूछै नहिं कोई (i) तुलसीदास
(B) गिरा अनयन नयन बिनु बानी (ii) परमानन्ददास
(C) प्रेम प्रेम ते प्रेम ते पारहिं पइए (iii) जायसी
(D) मानुष प्रेम भयो बैकुंठी (iv) रामानन्द (v) सूरदास
कूट :
a b c d
(A) (v) (ii) (iii) (iv)
(B) (ii) (iv) (i) (v)
(C) (iv) (i) (v) (iii)
(D) (i) (iii) (ii) (v)

40. #निम्नलिखित काव्य-पंक्तयं को उनके रचनाकारों के साथ सुमेलित कीजिए :
(A) ये उपमान मैले हो गए हैं (i) अज्ञेय
(B) हम राज्य लिए मरते हैं (ii) बिहारी
(C) बतरस लालच लाल की (iii) मैथिलीशरण गुप्त
(D) जब जीवन को है कपि आस न कोय (iv) तुलसीदास
(iv) पन्त
कूट :
a b c d
(A) (iv) (iii) (ii) (i)
(B) (i) (iii) (ii) (iv)
(C) (ii) (iv) (i) (iii)
(D) (iii) (iv) (i) (ii)

41. #इनमें से कौन-सा उद्धरण रचना और रचनाकार के संबंध से संगत है ?
(A) सन्त हृदय नवनीत समाना (i) रसलीन
(B) काहे री नलिनी तू कुम्हिलानी (ii) बिहारी
(C) अमिय हलाहल रस भरे (iii) तुलसीदास
(D) मेरी भवबाधा हरो (iv) कबीर
(iv) सूरदास
कूट :
a b c d
(A) (iii) (iv) (i) (ii)
(B) (i) (iii) (ii) (iv)
(C) (ii) (iv) (i) (iii)
(D) (iii) (iv) (i) (ii)

42. #निम्नलिखित काव्य-पंक्तयों को उनके रचनाकारों के साथ सुमेलित कीजिए :
(A) बसो मोरो नैनन में नन्दलाल (i) नानकदेव
(B) प्रभु जी मोरे अवगुन चित्त न धरो (ii) कबीर
(C) अब लौं नसानी अब न नसै हों (iii) सूरदास
(D) अव्वल अल्लह नूर उपाया क़ुदरत के सब बन्दे (iv) तुलसीदास
(iv) मीराबाई
कूट :
a b c d
(A) (v) (iii) (iv) (ii)
(B) (i) (iii) (ii) (iv)
(C) (ii) (iv) (i) (iii)
(D) (iii) (iv) (i) (ii)

43. #निम्नलिखित काव्य-पंक्तयों और कवियों को सुमेलित कीजिए :
(A) अति सूधौ सनेह कौ मारग है (i) तुलसीदास
(B) अब लौं नसानी अब न नसै हों (ii) सूरदास
(C) सटपटाति-सी ससि मुखी मुख पर घूँघट ढाँकि  (iii) बिहारी
(D) उधौ मन न भए दस बीस (iv) घनानन्द
(iv) मीराबाई
कूट :
a b c d
(A) (v) (iii) (iv) (ii)
(B) (iv) (i) (iii) (ii)
(C) (ii) (iv) (i) (iii)
(D) (iii) (iv) (i) (ii)

44. #गोस्वामी तुलसीदास की रचनाओं का सही क्रम कौन-सा है?
(A) गीतावली, दोहावली, विनय पत्रिका, रामचरित मानस
(B) रामचरित मानस, दोहावली, गीतावली, विनय पत्रिका
(C) दोहावली, गीतावली, रामचरित मानस, विनयपत्रिका
(D) विनय पत्रिका, दोहावली, गीतावली, रामचरित मानस

45. #तुलसीदास की पहली रचना है :
(A) वैराग्य सन्दीपनी (B) रामाज्ञा प्रश्नावली (C) पार्वती मंगल (D) जानकी मंगल

उत्तर : 1. (D) 2. (D) 3. (D) 4. (B) 5. (D) 6. (C) 7. (B) 8. (C) 9. (A) 10. (A) 11. (2) 12. (3) 13. (4) 14. (4) 15. (B) 16. (B) 17. (D) 18. (A) 19. (A) 20. (C) 21. (C) 22. (2) 23. (2) 24. (A) 25. (A) 26. (D) 27.(B) 28. (B) 29. (C) 30. (A) 31. (B) 32. (B) 33. (B) 34. (C) 35. (A) 36. (A) 37. (A) 38. (B) 39. (C) 40. (B) 41. (A) 42. (A) 43. (B) 44. (B) 45. (B)

#भक्तमाल के रचयिता ‘नाभादास’ ने इनको ‘कलिकाल का वाल्मीकि ‘ कहकर पुकारा है|

#ग्रिंयर्सन ने इनको ‘महात्मा बुद्ध के बाद दूसरा बड़ा लोकनायक’ कहकर पुकारा है|

#पाश्चात्य विद्वान ‘विंसेंट स्मिथ’ महोदय ने इनको ‘मुगलकाल का सबसे बड़ा आदमी’ कहकर पुकारा है|
#मधुसुदन सरस्वती ने उनको ‘आनंदवन का वृक्ष ‘ कहकर पुकारा है|
#आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने इनको ‘हिंदी का जातीय कवि’ कहकर पुकारा है|
#आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी ने उनकी प्रशंसा में लिखा है -“अपरिमित धैर्य लेकर एक पुत्र पैदा हुआ, जिसने भारत में समन्वय की चेष्टा की| इनका काव्य जीवन दो कोटियों को मिलाने वाला काव्य है|”