#जैनेन्द्र कुमार (1905-1988) की #समस्त रचनाएँ

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#जैनेन्द्र कुमार (1905-1988) की #समस्त रचनाएँ

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#जैनेन्द्र कुमार 

जन्म       : #2 जनवरी, #1905 ई. (अलीगढ़)

देहावसान   : #24 दिसंबर1988 ई. (दिल्ली)

#गांधीवादी, प्रेमचंदोत्तर उपन्यासकार, हिन्दी गद्य में  #’मनोविश्लेषणात्मक परंपरा के प्रवर्तक’  के रूप में मान्य और ‘प्रयोगवाद’ के प्रारम्भकर्ता, मूलनाम : ‘#आनंदी लाल’।

 

जैनेन्द्र के उपन्यास

  • #’परख’ (1929 ई., पात्र : सत्यधन, कट्टो, गरिमा, बिहारी)
  • #’सुनीता’ (1935 ई., पात्र : सुनीता, श्रीकान्त और हरिप्रसन्न)
  • #’त्यागपत्र’ (1937 ई., पात्र : मृणाल, प्रमोद, शीला)
  • #’कल्याणी’ (1939 ई., पात्र : डॉ. असरानी, )
  • #’विवर्त’ (1953 ई., भुवनमोहिनी, जितेन)
  • #’सुखदा’ (1952 ई.)
  • #’व्यतीत’ (1953 ई., पात्र : अनीता)
  • ‘#जयवर्धन’ (1956 ई.)
  • #’मुक्तिबोध'(1966 ई., पात्र : सहाय, राजेश्वरी, नीलिमा)
  • #’अनन्तर'(1968 ई., पात्र : अपराजिता, प्रसाद, रामेश्वरी)
  • #’अनामस्वामी'(1974 ई., पात्र : वसुन्धरा, कुमार, शंकर उपाध्याय)
  • #’दशार्क'(1985 ई., वेश्या समस्या पर, पात्र : सरस्वती, रंजना)

 

#जैनेन्द्र के #कहानी-संग्रह

  • #’फाँसी’ (1929 ई.)
  • #’वातायन’ (1930 ई.)
  • #’नीलमदेश की राजकन्या’ (1933 ई.)
  • #’एकरात’ (1934 ई.)
  • #’दोचिड़ियाँ’ (1935 ई.)
  • #’पाजेब’ (1942 ई. ई.)
  • #’जयसंधि’ (1949 ई.)
  • #’जैनेन्द्रकी कहानियाँ’ (सात भाग)
  • #’जैनेंद्रकुमार की कहानियाँ’ (2000 ई.)

 

#जैनेन्द्र के #निबंध-संग्रह

  • #’प्रस्तुतप्रश्न’ (1936 ई.)
  • #’जड़की बात’ (1945 ई.)
  • #’पूर्वोदय’ (1951 ई.)
  • #’साहित्यका श्रेय और प्रेय’ (1953 ई.)
  • #’मंथन’ (1953 ई.)
  • #’सोच-विचार’ (1953 ई.)
  • #’काम, प्रेमऔर परिवार’ (1953 ई.)
  • #’इस्ततः'(1963 ई.)
  • #’समय और हम’ (1964 ई.)
  • #’परिप्रेक्ष्य'(1977 ई.)
  • #’साहित्य और संस्सकृति’ (1979 ई.)
  • # ‘राष्ट्र और राज्य’
  • #’सूक्तिसंचयन’

 

#जैनेन्द्र के #संस्मरण

  • #’येऔर वे’ (1954 ई.)
  • #’मेरे भटकाव’
  • #’जैनेन्द्रकुमार की मौत पर'(स्वयं पर)

 

#जैनेन्द्र के #आलोचनात्मक ग्रंथ

  • #’कहानी: अनुभव और शिल्प’ (1967 ई.)
  • #’प्रेमचन्द एक कृती व्यक्तित्व'(1967 ई.)

 

#जैनेन्द्र की #जीवनी-संबंधी रचनाएँ

  • #’अकाल पुरुष गांधी'(1968 ई.)

 

#जैनेन्द्र द्वारा #अनूदित ग्रंथ

  • # ‘मंदालिनी’ (नाटक, 1935 ई.)
  • #’प्रेममें भगवान’ (कहानी-संग्रह, 1937 ई.)
  • #’पापऔर प्रकाश’ (नाटक, 1953 ई.)

#सह लेखन

  • # ‘तपोभूमि’ (उपन्यास, ऋषभचरणजैन के साथ, 1932 ई.)

 

#संपादित ग्रंथ

  • # ‘साहित्यचयन’ (निबंध-संग्रह, 1951 ई.)
  • $’विचारवल्लरी’ (निबंध-संग्रह, 1952 ई.)

 

#सम्मान और पुरस्कार

  • # हिन्दुस्तानीअकादमी पुरस्कार, 1929 ई.में ‘परख’ (उपन्यास) के लिए
  • # भारतसरकार शिक्षा मंत्रालय पुरस्कार, 1952 ई.में ‘प्रेम में भगवान’ (अनुवाद) के लिए
  • #1966ई. में साहित्य अकादमी पुरस्कार ‘मुक्तिबोध’ (लघु उपन्यास) के लिए
  • #पद्मभूषण1971 ई.
  • #साहित्यअकादमी फैलोशिप, 1974 ई.
  • #हस्तीमलडालमिया पुरस्कार (नई दिल्ली)
  • # उत्तरप्रदेश राज्य सरकार (समय और हम,1970 ई.)
  • # उत्तरप्रदेश सरकार का शिखर सम्मान ‘भारत-भारती’
  • #मानदडी. लिट् (दिल्ली विश्वविद्यालय, 1973 ई., आगरा विश्वविद्यालय,1974 ई.)
  • # हिन्दीसाहित्य सम्मेलन, प्रयाग (साहित्य वाचस्पति,1973 ई.)
  • # विद्यावाचस्पति (उपाधि : गुरुकुल कांगड़ी)
  • # साहित्यअकादमी की प्राथमिक सदस्यता
  • # प्रथमराष्ट्रीय यूनेस्को की सदस्यता
  • #भारतीयलेखक परिषद् की अध्यक्षता
  • #दिल्लीप्रादेशिक हिन्दी साहित्य सम्मेलन का सभापतित्व।

 

#”हिन्दी साहित्य का इतिहास’ में #गोपाल राय जी लिखते हैं, ”उनके उपन्यासों की कहानी  अधिकतर एक परिवार की कहानी होती है और वे ‘शहर की गली और कोठरी की सभ्यता’ में ही सिमट कर व्यक्ति-पात्रों की मानसिक गहराइयों में प्रवेश करने की कोशिश करते हैं।”