विद्यानिवास मिश्र की रचनाएं

विद्यानिवास मिश्र की रचनाएं

विद्यानिवास मिश्र (28 जनवरी 1926-14 फ़रवरी 2005) संस्कृत के प्रकाण्ड विद्वान, जाने-माने भाषाविद्, हिन्दी साहित्यकार और सफल सम्पादक (नवभारत टाइम्स) थे। उन्हें सन 1999 में भारत सरकार ने साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में पद्म भूषण से सम्मानित किया था।
ललित निबन्ध-लेखक त्रयी में से एक : आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी कुबेरनाथ और विद्यानिवास मिश्र।

विद्यानिवास मिश्र के निबंध
#छितवन की छांह (1953 ईस्वी)
#हल्दीदूब (1955 ईस्वी)
#कदम की फूली डाल (1956 ईसवी)
#तुम चंदन हम पानी (1957 ईस्वी)
#आंगन का पंछी और बंजारा मन (1963 ईस्वी)
#मैंने सील पहुंचाई (1966 ईस्वी)
#वसंत आ गया पर कोई उत्कंठा नहीं (1972 ईस्वी)
#मेरे राम का मुकुट भीग रहा है (1974 ईस्वी)
#परंपरा बंधन नहीं (1976 ईस्वी)
#कटीले तारों के आर-पार (1976 ईस्वी)
#कौन तू फुलवा बिनन हारि (1980 ईस्वी)
#निजमुख मुकुर (1981 ईस्वी)
#भ्रमरानंद के पत्र (1981 ईस्वी)
#तमाल के झरोखे से (1981 ईस्वी)
#अस्मिता के लिए (1981 ईस्वी)
#संचारिणी (1982 ईस्वी)
#अंगद की नियति (1984 ईस्वी)
#लागो रंग हरी (1985 ईस्वी)
#गांव का मन (1985 ईस्वी)
#भाव पुरुष श्रीकृष्ण (1990 ईस्वी)

#सोअहं (1991 ईस्वी)

#देशधर्म और साहित्य (1992 ईस्वी)
#नदी-नारी और संस्कृति (1952 ईस्वी)
#बूंद मिले सागर में (1994 ईस्वी)
#पीपल के बहाने (1994 ईस्वी)
#भारतीय चिंतनधारा (1995 ईस्वी)‌

#साहित्य का खुला आकाश (1996 ईस्वी)

#लोक और लोक का स्वर (2000 ईस्वी, लोक की भारतीय जीवनसम्मत परिभाषा और उसकी अभिव्यक्ति)
#गांधी का करुण रस (2002 ईस्वी)
#थोड़ी-सी जगह दें (2004 ईस्वी, घुसपैठियों पर आधारित निबन्ध)
अन्य कृतियां
#महाभारत का कव्यार्थ
#भारतीय भाषादर्शन की पीठिका
#हिन्दी की शब्द संपदा
#स्वरूप-विमर्श (सांस्कृतिक पर्यालोचन से सम्बद्ध निबन्धों का संकलन)
#कितने मोरचे
#चिड़िया रैन बसेरा
#तुलसीदास भक्ति प्रबंध का नया उत्कर्ष
#फागुन दुइ रे दिना
#भारतीय संस्कृति के आधार (भारतीय संस्कृति के जीवन पर आधारित पुस्तक)
#भ्रमरानंद का पचड़ा (श्रेष्ठ कहानी-संग्रह)
#रहिमन पानी राखिए (जल पर आधारित निबन्ध)
#राधा माधव रंग रंगी (गीतगोविन्द की सरस व्याख्या)
#वाचिक कविता अवधी (वाचिक अवधी कविताओं का संकलन)
#वाचिक कविता भोजपुरी
व्यक्ति-व्यंजना (विशिष्ट व्यक्त व्यंजक निबन्ध)
#सपने कहाँ गए (स्वाधीनता संग्राम पर आधारित पुस्तक)
#साहित्य के सरोकार
#हिन्दी साहित्य का पुनरावलोकन
#हिन्दी और हम
#आज के हिन्दी कवि : अज्ञेय।