#सर्वेश्वर दयाल सक्सेना का रचना-संसार/WORKS OF SARWESHWAR DYAL SAXENA

#सर्वेश्वर दयाल सक्सेना का रचना-संसार/WORKS OF SARWESHWAR DYAL SAXENA

(15 सितंबर 1927-23 सितंबर 1983 ई.,बस्ती, उत्तर प्रदेश)

काव्य-संग्रह : काठ की घंटियां (1959 ई.), बांस का पुल (1963 ई.), एक सूनी नाव (1966 ई.), गर्म हवाएं (1969 ई.), कुआनो नदी (1973 ई.), जंगल का दर्द (1976 ई.), खूंटियों पर टंगे लोग (1982 ई., इस काव्य-संग्रह पर 1983 ई. में साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला)।

तीसरा सप्तक (1959 ई.) में संकलित सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की कविताएँ : 1. आज पहली बार 2. नए साल पर 3. सुहागिन का गीत,  4. विवशता 5. भोर  6. विगत प्यार,  7. मैंने कब कहा, 8. यह तो परछाई है, 9. सूखे पीले पत्तों ने कहा 10. छुपाई मारौ दुलहिन 11. सुबह से शाम तक 12. सौंदर्य बोध 13. कलाकार और सिपाही, 14. रात भर 15. अहं से मेरे बड़ी हो तुम 16. प्लेटफॉर्म 17. यों ही बस यों ही 14. काठ की घंटियां।

नाटक : बकरी (1974 ई.), भों भों खों खों (1977 ई.), लड़ाई (1979 ई.),  अब गरीबी हटाओ (1981 ई.), सड़क, कल भारत आएगा, रूपमती बाज बहादुर, होरी धूम मचा री।

उपन्यास : सोया हुआ जल (1954 ई.), पागल कुत्तों का मसीहा (1977 ई.), सूने चौखटे (1981 ई.) सड़क।

संपादन : दिनमान (1969-1983 ई.), पराग (1982-1983 ई.)।