हरिशंकर #परसाई की #रचनाएं

हरिशंकर परसाई की रचनाएं
#पगडंडियों का जमाना (1966 ई.), #जैसे उनके दिन फिरे (1963 ई.), #सदाचार का ताबीज (1967 ई.), #शिकायत मुझे भी है (1970 ई.), #ठिठुरता हुआ गणतंत्र में (1970 ई.), #अपनी-अपनी बीमारी (1972 ई.), #वैष्णव की फिसलन (1976 ई.), #विकलांग श्रद्धा का दौर (1980 ई.), #भूत के पांव पीछे (1983 ई.), #बेईमानी की परत (1983 ई.), #सुनो भाई साधु (1983 ई.), #तुलसीदास चंदन घिसे (1986 ई.), #कहत कबीर (1987 ई.), #हंसते हैं रोते हैं (1993 ई.), #तब की बात और थी (1993 ई.), #ऐसा भी सोचा जाता है (1993 ई.), #पाखंड का अध्यात्म (1998 ई.), #आवारा भीड़ के खतरे (1998 ई.)।