इतिहास

प्रमुख #पाश्चात्य #स्वच्छंदतावादी #कवि और #आलोचक

प्रमुख #पाश्चात्य #स्वच्छंदतावादी #कवि और #आलोचक अंग्रेज़ी साहित्य में स्वच्छंदतावाद (ROMANTICISM) का उद्भव 1798 ईस्वी में वर्ड्सवर्थ के काव्य-संग्रह ‘लिरिकल बैलेड्स’ (LYRICAL BALLADS) के प्रकाशन से...

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#सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन #अज्ञेय की सभी रचनाएं

#सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन #अज्ञेय की सभी रचनाएं (जन्म : 7 मार्च, 1911 कुशीनगर, देवरिया, उ. प्र. – मृत्यु : 4 अप्रैल, 1987 नई दिल्ली) #नाम :...

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पं. #श्रीधर पाठक  (1859-1928 ई.) : आचार्य रामचंद्र शुक्ल की दृष्टि में

<script data-ad-client=”ca-pub-3805952231082933″ async src=”https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js”></script> Copy code snippet पं. #श्रीधर पाठक  (1859-1928 ई.) : आचार्य रामचंद्र शुक्ल की दृष्टि में #स्वच्छंदवाद के प्रवर्तक, #हिंदी साहित्य सम्मेलन के...

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#मुंशी सदासुखलाल ‘नियाज’ (1746-1824 ई.) : आचार्य रामचंद्र शुक्ल की दृष्टि में

#मुंशी सदासुखलाल ‘नियाज‘ (1746-1824 ई.) : आचार्य रामचंद्र शुक्ल की दृष्टि में #मुंशी सदासुखलाल ‘नियाज‘ दिल्ली के रहनेवाले थे। इनका #जन्म संवत् 1803 और #मृत्यु 1881...

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#सदल मिश्र (1767-1848 ई.) : आचार्य रामचंद्र शुक्ल की दृष्टि में

#सदल मिश्र (1767-1848 ई.) : आचार्य रामचंद्र शुक्ल की दृष्टि में #सदल मिश्र की #रचनाएँ :  #नासिकेतोपाख्यान या #चन्द्रवली (1803 ई., यजुर्वेद के आधार पर कठोपनिषद...

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लल्लूलालजी (1763 – 1835) : आचार्य रामचन्द्र शुक्ल की दृष्टि में

लल्लूलालजी (1763 – 1835) : आचार्य रामचन्द्र शुक्ल की दृष्टि में #लल्लूलाल जी की रचनाएँ : #सिंहासन बत्तीसी (1801 ई.), #बेताल पच्चीसी (1801 ई.), #माधोनल (1801 ई.),...

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#पाश्चात्य काव्यशास्त्री और उनकी #रचनाएं

#पाश्चात्य काव्यशास्त्री और उनकी #रचनाएं #प्लेटो (427-387 ई. पूर्व, एथेंस, ग्रीस) : रिपब्लिक, सिंपोजियम फ़ीडो, फीड्रस, पारमनोइजी, सोफिस्ट, स्टेट्स मैन फिलेबस, टाइनियस, क्रिटियस, लॉज। #अरस्तू (384-322...

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सुमित्रानंदन पंत (1900-1977)   की गद्य-पद्य रचनाएँ/ Sumitranandan Pant ki Gadya-Padya Rachnayen

सुमित्रानंदन पंत (1900-1977)   की गद्य-पद्य रचनाएँ/ Sumitranandan Pant ki Gadya-Padya Rachnayen (20 मई 1900—28 दिसम्बर 1977, अलमोड़ा ज़िले के कौसानी नामक ग्राम में भारद्वाज गोत्रीय ब्राह्मण...

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